वाणिज्य कर विभाग में कर्मचारियों के हंगामे के कारण बुधवार को कामकाज पूरी तरह ठप हो गया। कर्मचारियों का आरोप है कि बीती मंगलवार को डिप्टी कमिश्नर कमलेश चंद्र यादव ने एक सेवक की पिटाई की और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर कविनगर थाने में बंद करा दिया।
सेवक अपनी ड्यूटी ईमानदारी से कर रहा था। इधर डिप्टी कमिश्नर कमलेश यादव का कहना है कि वह छुट्टी के दिन अपना काम निपटाने आए थे। जब वह शाम को नीचे गए तो शटर बंद था।
सेवक को शटर खोलने के लिए कहा पर वह बदतमीजी करने लगा। करीब दो घंटे बाद शटर को खुलवाया जा सका। इधर वरिष्ठ अधिकारियों ने सेवक को थाने से छुड़वाकर मामले को शांत कराया।
वाणिज्य कर विभाग में बुधवार का दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। व्यापारी आए पर वह बैरंग लौट गए। कर्मचारियों न आरोप लगाया कि डिप्टी कमिश्नर कमलेश चंद्र यादव कर्मचारियों का उत्पीड़न करते हैं।
बीती मंगलवार में भी यही हुआ। सेवक मनोज ठाकुर अपनी ड्यूटी कर रहा था। डिप्टी कमिश्नर छुट्टी के दिन भी आए। शाम को जब वह जाने लगे तो बेवजह उनकी सेवक से किसी बात पर बहस हो गई। इसके बाद उन्होंने कविनगर थाने में जाकर सेवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। मनोज रातभर बंद रहा।
बुधवार को विभाग खुला तो कर्मचारी आक्रोशित हो उठे। दर्जनों कर्मचारी एडीशनल कमिश्नर के कमरे में घुस गए और नारोबाजी करने लगे। वरिष्ठ अधिकारियों ने मनोज को छुड़ाने का आश्वासन दिया तब उनका गुस्सा शांत हुआ।
डिप्टी कमिश्नर कमलेश चंद्र यादव ने बताया कि सेवक ने शटर में ताला लगा दिया और फिर बदतमीजी करने लगा। उसने शराब भी पी हुई थी। एक अधिकारी होने के नाते मैंने जो कार्रवाई की वह सही है।