दरअसल, नाबालिगों ने कैफ को कबाड़ का कुछ सामान बेचा था। उसमें 400 रुपये की लेनदेन का विवाद हो गया था। नाबालिग पिछले तीन दिनों से कैफ से अपने 400 रुपये मांग रहे थे। इस बात को लेकर तू-तू-मैँ-मैं भी हुई थी। आरोप है कि शुक्रवार शाम को तीनों आरोपी ओल्ड मुस्तफाबाद पहुंचे और कैफ पर चाकू से हमला कर दिया।
उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त आशीष मिश्रा ने बताया कि मोहम्मद कैफ परिवार के साथ गली नंबर-20, न्यू मुस्तफाबाद में रहता था। इसके परिवार में पिता मोहम्मद निजाम, मां, दो भाई मोनी और आशी के अलावा दो बहनें हैं। निजाम का पेंट का काम है, वहीं कैफ घर पर ही स्क्रैप का कारोबार करता था।
तीनों नाबालिग भी एरिया में रहते हैं। कुछ दिनों पूर्व इन लोगों ने कैफ को कुछ कबाड़ बेचा था। उसमें 400 रुपयों को लेकर विवाद था। नाबालिग कैफ से 400 रुपये और मांग रहे थे जबकि वह देने से मना कर रहा था। शुक्रवार शाम को कैफ 25-फुटा रोड पर बाबू हलवाई की दुकान के पास मौजूद था।
इस बीच नाबालिग वहां पहुंचे। तीनों के हाथ में चाकू थे। आरोपियों ने उसे दौड़ा-दौड़ाकर दर्जनभर से अधिक चाकू मारे। बाद में वह फरार हो गए। पुलिस ने तीन टीम बनाकर शनिवार सुबह ही नाबालिग आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने हत्या करने की बात स्वीकार की है।
नाबालिग मारते रहे चाकू, भीड़ रही तमाशबीन
कैफ के दोस्त सुहेल ने बताया कि तीनों नाबालिग पिछले कई दिनों से चाकू दिखाकर उसे जान से मारने की धमकी दे रहे थे। कैफ ने पैसे देने से इंकार कर दिया था। शुक्रवार शाम को तीनों आरोपी तीन चाकू के साथ वहां पहुंचे। आरोपियों ने आते ही कैफ पर चाकू से हमला कर दिया। उस दौरान बाजार में लोगों की भीड़ मौजूद थी।
लोगों ने कैफ को बचाने के बजाए वीडियो बनाना शुरू कर दिया। किसी ने बचाने की हिम्मत नहीं जुटाई। आरोपियों ने कैफ को सड़क पर गिराकर उस पर चाकू से कई वार किए। बाद में वह बड़े आराम से मौके से फरार हो गए। किसी ने कैफ के परिजनों को खबर दी। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया।