अब स्कूलों की बसों व वैन में बच्चों को ठूंस कर नहीं ले जाया जा सकेगा। वैन में बच्चों को ठूंस-ठूंस कर भरने पर सख्ती होगी और स्कूलों को इसकी नियमित जांच करनी होगी। दरअसल शिक्षा निदेशालय ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर सेफ्टी गाइडलाइंस जारी की हैं। इस गाइडलाइंस का पालन सभी स्कूलों को करना होगा।
दिल्ली सरकार के, सरकारी सहायता प्राप्त व गैर सहायता प्राप्त पब्लिक स्कूलों के बाहर देखने में आता है कि बसों व वैन में जरूरत से ज्यादा बच्चों को बिठाया जाता है। ऐसे में अब शिक्षा निदेशालय गाइडलाइंस लेकर आया है। गाइडलाइंस में स्पष्ट किया गया है कि स्कूल यह सुनिश्चित करें कि बच्चे केवल मान्य वाहनों में स्कूल से घर व घर से स्कूल जाएं। स्कूल यह भी देखेंगे कि वाहन पूरी तरह से सुरक्षित हो और वह यातायात के नियमों का पालन करें। स्कूल वाहनों के स्टॉफ का पहचान पत्र दिल्ली पुलिस से सत्यापित कराना होगा।
गाइडलाइंस में कहा गया है कि जिन बसों व वैन में छात्राएं हो उनमें महिला कर्मचारी होना अनिवार्य है। यदि स्कूल बच्चों को शहर से बाहर लेकर जा रहा है तो इस संबंध में उसे अभिभावकों से बात करना जरूरी होगा। टूर के दौरान दो छात्रों पर एक शिक्षक जरूरी होगा। यदि अभिभावक बच्चे के लिए प्राइवेट वाहन लगाते हैं तो उसके चालक की जांच करना भी स्कूल के लिए जरूरी है। सुरक्षा के लिए स्कूल प्रिंसिपल को प्रत्येक छह माह में प्राइवेट वाहनों के साथ इस्तेमाल को लेकर अभिभावकों के साथ एक बैठक भी करनी होगी। इसके साथ यह भी सुनिश्चित करना होगा कि इन वाहनों में स्कूली छात्रों के लिए एक रजिस्टर भी हो।