प्रदेश की बदहाल प्राथमिक शिक्षा को पटरी पर लाने के लिए सरकार गंभीरता दिखा रही है। सरकार ने शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीए) के तहत उन स्कूलों को शिक्षक-मुख्याध्यापक देने का फैसला लिया है, जहां आज भी बच्चों बच्चे शिक्षकों की कमी के चलते पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। नए आदेश के मुताबिक जेबीटी शिक्षकों की नियुक्तियां रेशनेलाइजेशन (पुनर्गठन) के हिसाब से होगी, ताकि प्राथमिक शिक्षा की कमजोर नीवं को मजबूत किया जा सके।
दरअसल, हरियाणा बोर्ड के परीक्षा परिणाम ने बोर्ड से संबद्धित स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के अभिभावक की चिंता बढ़ा दी है। परीक्षा परिणाम में फरीदाबाद की शर्मनाक स्थिति के लिए हरियाणा बोर्ड के स्कूलों में शिक्षा के गिरते स्तर को जिम्मेदार माना जा सकता है। गौरतलब है कि 10वीं की परीक्षा में केवल 37.33 प्रतिशत ही परीक्षार्थी पास हुए हैं।
परिणाम के लिहाज से प्रदेश में फरीदाबाद का 14वां स्थान है। यह 2014 की तुलना में 19.94 प्रतिशत कम है। मार्च 2015 में आयोजित परीक्षा में 19,703 परीक्षार्थी बैठे थे। इसमें केवल 7,355 उत्तीर्ण हुए हैं। ऐसे में अभिभावकों की चिंता बढ़ना स्वभाविक है। हालांकि, शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए तमाम प्रयास किए गए, लेकिन परिणाम उलट ही आए। इसके पीछे वजह स्कूलों में शिक्षकों की सही तरीके से नियुक्ति न होना बताया जा रहा है।
वहीं, दूसरी तरफ शिक्षकों की संख्या भी कम हो रही है। इसलिए सरकार ने सरकारी स्कूलों में शिक्षक-छात्र संख्या के अनुपात में सुधार करते हुए शिक्षा का अधिकार कानून लागू कर दिया है। सरकारी स्कूलों में अब जेबीटी अध्यापकों की नियुक्ति नए रेशनेलाइजेशन (पुनर्गठन) के हिसाब से होगी।
कई स्कूलों को होगा फायदा
जेबीटी शिक्षकों के रेशनेलाइजेशन का सबसे बड़ा फायदा कम संख्या वाले स्कूलों को मिलेगा। जिले में शाहबाद, अलीपुर, बुखारपुर सहित कई ऐसे गांव है जो स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या 30 से कम है और एक ही शिक्षक की नियुक्ति है।
यदि सरकार नए आदेश के मुताबिक जेबीटी शिक्षकों की नियुक्ति करेगी, तो ऐसे स्कूलों में दो शिक्षक नियुक्त हो जाएंगे। पिछली सरकार में एक से 20 विद्यार्थियों तक एक ही जेबीटी शिक्षक और 21 से 60 विद्यार्थियों पर दो जेबीटी शिक्षक नियुक्त किए जाते थे।
इस बार एक से 60 विद्यार्थियों पर दो जेबीटी शिक्षक काम करेंगे। 61 से 90 विद्यार्थियों पर तीन और 91 से 120 विद्यार्थियों पर चार जेबीटी शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे। 121 से 150 तक विद्यार्थियों पर पांच जेबीटी शिक्षक तैनात होंगे।
स्कूलों में नियुक्त होंगे हेडटीचर
फरीदाबाद के 245 प्राथमिक स्कूलों में से 175 स्कूलों में हेड टीचर के पद कई वर्षो से रिक्त पड़े है। नए आदेश के हिसाब से स्कूलों को हेड टीचर भी मिल सकते है। सरकार ने 151 से 200 विद्यार्थियों की स्थिति में पांच जेबीटी के साथ एक हेडमास्टर की पोस्ट भी स्वीकृत की गई है।
शिक्षक संघ ने उठाई थी मांग
हरियाणा प्राथमिक स्कूल शिक्षक संघ के जिला प्रधान चत्तर सिंह के मुताबिक शिक्षक संघ ने 151 से 200 तक कुल 5 शिक्षकों के पदों के वैज्ञानिकीकरण का विरोध किया था। उन्होंने मांग की थी इस छात्र संख्या पर 5 जेबीटी व एक हेड टीचर लगाया जाए। जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है। उन्होंने सरकार के फैसले का स्वागत किया।
24 जुलाई तक मांगी है रिपोर्ट
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रामकुमार पलसवाल ने बताया कि मौलिक शिक्षा निदेशालय द्वारा भेजे गए आदेश मिल चुके है। 24 जुलाई तक निदेशालय ने रिपोर्ट मांगी है।