नई दिल्ली। जनकपुरी के एक निजी स्कूल में तीन साल की बच्ची से कथित यौन उत्पीड़न और आरोपी केयरटेकर को जल्द जमानत मिलने के मामले में आम आदमी पार्टी ने दिल्ली पुलिस, स्कूल प्रबंधन और न्यायिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में कहा कि इस मामले में स्कूल प्रशासन, डीसीपी, एसएचओ और विशेष पॉक्सो जज ने विलेन की भूमिका निभाई है।
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि नर्सरी की छात्रा के साथ स्कूल के पहले ही दिन 57 वर्षीय केयरटेकर ने कथित रूप से शिक्षिका की मौजूदगी में यौन उत्पीड़न किया, लेकिन इसके बावजूद आरोपी को कुछ ही दिनों में जमानत मिल गई। उन्होंने कहा कि डॉक्टर की रिपोर्ट में घटना की पुष्टि होने और बच्ची की ओर से आरोपी की पहचान किए जाने के बावजूद पॉक्सो कोर्ट से जमानत मिलना बेहद चिंताजनक है।
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भारद्वाज ने दिल्ली हाईकोर्ट से अपील की कि ऐसे मामलों की सुनवाई करने वाले जजों की नियुक्ति में मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता दी जाए। आप नेता ने दिल्ली पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित बच्ची के माता-पिता का सहयोग करने के बजाय पुलिस अधिकारी उन्हें धमका रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि बच्ची की मां ने एसएचओ पर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बार-बार पूछताछ कर बच्ची को मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि स्कूल प्रबंधन भी परिवार का सहयोग नहीं कर रहा और सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध न होने का बहाना बना रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल की छवि बचाने के लिए मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। साथ ही यह भी दावा किया कि कुछ लोग राजनीतिक दबाव बनाकर आरोपी शिक्षिका और स्कूल प्रबंधन को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।