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दिल्ली में 'स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस' को मंजूरी, सरकारी स्कूल के छात्रों को मिलेगी विशेषज्ञता की डिग्री

Mon, 22 Mar 2021 07:39 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • दिल्ली सरकार की कोशिश, छात्र नौकरी पाने की बजाय नौकरी प्रदाता के रूप में स्कूलों से बाहर निकलें
  • छात्रों को उनकी मनपसंद विधा में विशेषज्ञता की जानकारी देगी सरकार
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दिल्ली का एक सरकारी स्कूल - फोटो : Amar Ujala (File)
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विस्तार
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दिल्ली सरकार ने सरकारी स्कूलों के गरीब लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को विशेष तकनीकी में दक्ष बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने 'स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस' की शुरुआत को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। ये स्कूल विभिन्न विषयों के विशेष क्षेत्रों में छात्रों को विशेषज्ञता की डिग्री-डिप्लोमा प्रदान करेंगे। इन विषयों में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, गणित (स्टेम), ह्यूमैनिटिज़ के विषय शामिल होंगे।

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इनके अलावा उन क्षेत्रों में भी विशेषज्ञता की डिग्री-डिप्लोमा दी जाएगी, जो इन पारंपरिक क्षेत्रों से बिल्कुल अलग हैं, लेकिन वर्तमान समय में इनकी भारी मांग है। इस वर्ग में सिनेमा तकनीकी के अलग-अलग विषय शामिल हो सकते हैं।

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि इस मामले में छात्र अपनी मनपसंद विधा में मनपसंद स्कूल का चयन कर उसमें विशेषज्ञता के लिए दाखिला ले सकेंगे। यहां उन्हें पारंपरिक शिक्षा में डिग्री के साथ-साथ विशेष विधा में विशेषज्ञता का प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा।
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यानी यहां छात्र नौवीं, 10वीं जैसी कक्षाओं के अध्ययन के साथ-साथ विशेष विषयों में दक्षता की ट्रेनिंग भी लेंगे। ऐसे छात्र जब अपनी शिक्षा पूरी कर निकलेंगे तो वे किसी एक विधा के दक्ष तकनीशियन होंगे। ये छात्र नौकरी के लिहाज से पूरी तरह उपयुक्त होंगे, लेकिन सरकार का जोर इस बात पर है कि ऐसे छात्रों को लोन सुविधा प्रदान कर उन्हें उद्यमी के रूप में विकसित किया जाए।

जानकारी के मुताबिक ये मॉडल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के 5+3+3+4 स्कूली शिक्षा मॉडल के अंतिम चार वर्षो पर आधारित होगा। एनईपी प्रतिभाशाली बच्चों को मार्गदर्शन और प्रोत्साहन देने पर बल देता है, ताकि उनका समग्र विकास हो सके।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इन स्कूलों के माध्यम से वंचित वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थी भी किसी भी क्षेत्र में ऊंचाइयां प्राप्त कर पाएंगे। ये स्कूल उत्कृष्टता के हब के रूप में विकसित होंगे और बाकी विद्यालयों में एक्सीलेंस को बढ़ावा देने के मॉडल के रूप में काम करेंगे।

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