फरीदाबाद में बीमार स्कूली बच्चों के लिए मोबाइल हेल्थ टीम को अब बीके अस्पताल के डॉक्टरों से समय लेना पड़ेगा।
जिसके बाद ही अस्पताल में बच्चों को दिखाया जा सकेगा। डॉक्टर के अस्पताल में न होने की सूरत में बीमार बच्चों को स्कूल के पास प्राइमरी या सेकेंडरी स्वास्थ्य केंद्र में ले जाया जाएगा। दिसंबर 2013 से जिले के सभी सरकारी स्कूलों और आंगनवाड़ी में पढ़ने वाले बच्चों के लिए हेल्थ सर्वे किया जा रहा है।
गंभीर रोग होने पर बच्चों को बीके अस्पताल में लाने की जिम्मेदारी मोबाइल हेल्थ टीमों की है। लेकिन कई बार अन्य कार्यों में व्यस्तता के कारण डॉक्टर अस्पताल में नहीं मिल पाते। जिस कारण बच्चों का अस्पताल में आना बेकार हो जाता है। इसके साथ ही बच्चों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता।
स्कूली बच्चों को असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए स्वास्थ्य मुख्यालय ने मोबाइल टीमों को अस्पताल आने से पूर्व डॉक्टर की उपस्थिति की जानकारी लेने के निर्देश दिए हैं।
स्कूल हेल्थ प्रोग्राम की नोडल अधिकारी डॉ. गीता पालिया ने बताया कि बच्चों की सुविधा के लिए इस प्रयास को अमल में लाया जाएगा। इससे संबंधित सभी आवश्यक निर्देश मुख्यालय द्वारा जारी किए गए हैं। जिसकी जानकारी सभी टीमों और संबंधित स्वास्थ्य कर्मचारियों को दी गई है।