कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाने और उन्हें घर में ही सुरक्षित रहने की सलाह और हिदायतें कुछ तो काम कर रही हैं और लेकिन कहीं-कहीं लोग सिरे से बेपरवाह हैं। उन्हें न तो अपनी फिक्र है और न दूसरों की चिंता। लोग लॉकडाउन तोड़ रहे हैं। कायदे-कानून से आदतन खिलवाड़ कर रहे हैं। संवेदनशील इलाकों में भी लोग सरकारी हिदायतों को हवा में उड़ाते हुए घरों से बाहर घूम रहे हैं।
अब दिल्ली पुलिस ने लोगों को घर में ही सुरक्षित रोके रखने के लिए रखवाली का ग्रामीण तरीका अख्तियार किया है। इस उम्मीद में कि यह कुछ काम कर जाए। इसीलिए मध्य जिला पुलिस ने चांदनी महल के लोगों को घरों में महफूज रखने की हिदायत के साथ गलियों में बिजूका उतार दिया है।
जिले के पुलिस उपायुक्त संजय भाटिया कहते हैं कि इसके जरिये हम लोगों को यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि घरों से बाहर निकलना खतरनाक है। बिजूका कहता है- घर में रहिये।
गौरतलब है कि चांदनी महल थाने के कर्मियों में कोरोना संक्रमण पाए जाने के बाद थाने को बंद कर दिया गया था, लेकिन अब यह फिर से खोल दिया गया है। पुलिसकर्मियों के क्वारंटीन अवधि पूरी करने के बाद थाने को खोला गया है।
जानकारी के अनुसार नौ पुलिसकर्मियों को कोरोना से संक्रमित पाया गया था। उन्हे अस्पताल में दाखिल कराया गया। उनमें से तीन ठीक होकर दो दिन पहले ही वापस आ गए हैं। भाटिया ने बताया कि जिन पुलिसकर्मियों को कोरोना संक्रमित पाया गया था उनके संपर्क में आने वाले लोगों को भी क्वारंटीन कर दिया गया। इन लोगों को स्टेशन परिसर में ही क्वारंटीन किया गया।
चांदनी महल थाने को अब इसलिए खोल दिया गया है क्योंकि उन लोगों ने अपनी क्वारंटीन अवधि पूरी कर ली है। चांदनी महल इलाके में कई जगहों पर बिजूका रखा गया है।