करोड़ों रुपए के घोटाले के मामले में फंसे नोएडा अथॉरिटी के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को जमानत दे दी। यादव सिंह पिछले करीब तीन वर्षों से जेल में है।
जस्टिस आर एफ नरीमन की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने सीबीआई की दलीलों को दरकिनार करते हुए यादव सिंह को जमानत दे दी। पीठ ने ट्रायल कोर्ट को जमानत की शर्त निर्धारित जरने के लिए कहा है।
सीबीआई ने यादव सिंह की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि जमानत मिलने वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है । साथ ही सबूतों को नष्ट कर सकता है। हालांकि पीठ ने सीबीआई से कहा है कि जमानत निरस्त करने का विकल्प उसके पास मौजूद है।
सीबीआई के मुताबिक, 14 दिसंबर 2011 से 23 दिसंबर 2011 तक विभिन्न इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट यादव सिंह के कंट्रोल में थे। वे नोएडा अथॉरिटी के चीफ इंजीनियर थे उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए 954.38 करोड़ रुपये के एग्रीमेंट बॉन्ड जारी किए जो 1280 प्रोजेक्ट के लिए थे।