सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली सरकार से कहा कि तिहाड़ जेल परिसर में ही ऐसी जगह तलाशी जाए जहां सुब्रत राय अपनी संपत्तियों की बिक्री में दिलचस्पी रखने वाले व्यक्तियों से व्यक्तिगत रूप से मिल सकें या वीडियो कांफ्रेंसिंग कर सकें।
सहारा प्रमुख ने अपनी नियमित जमानत के लिए भारत तथा विदेश में अपनी संपत्ति बेचकर 10 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था करने हेतु बातचीत के लिए एक हफ्ते के लिए जेल के अतिथि गृह में रहने की अनुमति मांगी थी।
जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली विशेष पीठ ने सरकार से कहा कि जेल अधिकारियों से बातचीत करके ऐसे स्थान की संभावना तलाशी जाए।
जेल में अतिथि गृह या कोर्ट रूम होगी व्यवस्था
पीठ ने साथ ही स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था सिर्फ बातचीत के लिए ही होगी और राय को किसी प्रकार की सुविधा प्रदान करने के लिए नहीं होगी। सुब्रत राय पिछले करीब पांच महीने से जेल में बंद हैं।
न्यायालय ने दिल्ली सरकार से कहा कि यह व्यवस्था जेल में अतिथि गृह या कोर्ट रूम में की जा सकती है। सरकार को 30 जुलाई तक न्यायालय को इस बारे में अवगत कराना है।
राय ने कहा कि वह शीर्षस्थ अदालत के निर्देश का पालन करने के लिए कृतसंकल्प हैं। उन्होंने कहा है कि खरीदार चाहते हैं कि बातचीत के दौरान वह मौजूद रहें और उन्हें इसके लिए कंप्यूटर तथा इंटरनेट कनेक्शन भी चाहिए।
राय को अंतरिम जमानत पर रिहा करने से इनकार
शीर्षस्थ अदालत ने मंगलवार को राय को अंतरिम जमानत पर रिहा करने से इनकार कर दिया था। लेकिन उन्हें न्यूयार्क और लंदन स्थित आलीशान होटल बेचने की अनुमति दे दी।
ताकि वह नियमित जमानत के लिए दस हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था करके इसे सेबी के पास जमा करा सकें। सर्वोच्च अदालत ने सुब्रत राय को विश्वास दिलाया था कि वह उन्हें पुलिस हिरासत में ही दिन में जेल से बाहर जाने की अनुमति देगी ताकि वह अपनी संपत्ति के इच्छुक खरीदार से बातचीत कर सकें।
अदालत ने राय से कहा था कि जब भी इस तरह का प्रस्ताव हो तो वह उससे संपर्क कर सकते हैं। साथ ही उन्हें भरोसा दिलाया था कि इसके लिए उचित बंदोबस्त किए जाएंगे। अदालत ने इससे पहले सहारा को देश में अपनी नौ संपत्तियों के साथ ही न्यूयार्क स्थित ड्रीम डाउनटाउन और द प्लाजा तथा लंदन स्थित ग्रासवेनर हाउस बेचने की अनुमति दे दी थी।