‘बाल यौन शोषण कानून का जमकर दुरुपयोग हो रहा है। लोग पहले यौन शोषण का आरोप लगा कर प्राथमिकी दर्ज करवाते हैं, लेकिन अदालत में आरोपी बनाए गए व्यक्ति के हक में गवाही देकर उसे बेकसूर ठहरा देते हैं।’ यह टिप्पणी राजधानी की अदालत ने की है।
ऐसे ही एक मामले में 15 वर्षीय किशोरी का पीछा करने और यौन प्रताड़ना के आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए अदालत ने बरी कर दिया। अदालत में लड़की, उसकी बहन और पिता अपने आरोप से मुकर गए थे।
साकेत स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गुलशन कुमार ने संगम विहार निवासी डोंगर सिंह को बरी करते हुए कहा कि पेश सभी तथ्यों गवाहों के बयान से स्पष्ट है कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में फेल रहा है।