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शिव की बात मानने से सुप्रीम कोर्ट का इंकार

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उबर रेप केस में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर स्टे लगा दिया है। बता दें कि रेप आरोपी शिव कुमार ने हाईकोर्ट में अर्जी दी थी कि सभी 13 गवाहों को दोबारा बुलाकर उनकी शिनाख्त की जाए जिस वजह से पीड़िता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
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लगातार तीसरे दिन रेप पीड़िता से जिरह के बाद पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को बार बार उसी घटना के संबंध में याद करवाकर परेशान किया जा रहा है जो उसके लिए मुश्किल साबित हो रहा है।

पीड़िता के पिता ने बचाव पक्ष के रवैये पर अपनी नाराजगी जाहिर की। सूत्रों ने कहा कि आरोपी शिव कुमार यादव के वकील द्वारा जिरह के दौरान पीड़िता ने न्यायाधीश से कहा कि वकील गैरजरूरी सवाल पूछ रहे हैं और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और दर्दनाक घटना को फिर से अनुभव करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
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दोषी ने दी थी हाईकोर्ट में अर्जी

वहीं यादव की ओर से पेश वकील डीके मिश्र ने एक अर्जी देकर उच्च न्यायालय के आदेश के अनुरूप प्रतिदिन के आधार पर सुनवाई के लिए पर्याप्त समय मुहैया कराने के उददेश्य से सुबह के सत्र में मामले की कार्यवाही शुरू करने का अनुरोध किया था।

आज इस मामले में उबर कैब रेप मामले में दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा पीड़िता समेत 13 गवाहों के बयान दोबारा दर्ज कराने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई जिसमें फैसला पीड़िता के पक्ष में आया।

पीड़िता की ओर से वरिष्ठ वकील कॉलिन गोंसाल्विस ने चीफ जस्टिस एचएल दत्तू की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष कहा कि हाईकोर्ट का यह आदेश एक मायने में फिर से ट्रायल करने जैसा है। उन्होंने पीठ से मामले की जल्द सुनवाई की गुहार लगाई। जिसके बाद पीठ ने मंगलवार को सुनवाई करने का निर्णय लिया।

गत चार मार्च को दिल्ली हाईकोर्ट ने आरोपी ड्राइवर की उस याचिका को स्वीकार कर लिया था जिसमें अभियोजन पक्ष के 13 गवाहों के फिर से बयान दर्ज कराने की गुहार लगाई गई थी। हालांकि इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने आरोपी ड्राइवर की याचिका खारिज कर दी थी।
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