कई दशकों से हरियाणा पंचायती राज चुनावों में अनपढ़ों का दबदबा चला आ रहा था। लेकिन अब सरकार की नई शैक्षणिक नीति के तहत मेवात में अनपढ़ पंच-सरपंचों का जमाना इस बार खत्म हो जाएगा।
सरकार की शैक्षणिक योग्यता वाली पहल से मेवात के सैंकड़ों अनपढ़ पंच-सरपंचों को न केवल इससे गहरा झटका लगा है बल्कि इसके बाद वह चुनाव लड़ने से महरूम रह जाएंगे।
सरकार की शैक्षणिक वाली अब नई नीति के तहत मेवात की 317 ग्राम पंचायतों में पहली बार सभी पढे़ लिखे पंच-सरपंच चुने जाएंगे।
अनपढ़ सरपंचों की टूटी आस
गौरतलब है कि देश की राजधानी से सटे मेवात इलाके में साक्षरता दर हमेशा से ही कम रही है। इसके चलते यहां पंचायती राज में कई दशकों से अनपढ़ पंच-सरपंचों का बोलबाला चला आ रहा था।
लेकिन प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद पंचायतों में पारदर्शिता लाने के लिए नई शैक्षणिक नीति बनाकर हरियाणा के इतिहास में पहली बार ऐसा फैसला लिया कि पंचायत चुनावों में सरपंच के लिए दसवीं एवं पंच के लिए आठवीं पास होना अनिवार्य हो।
हालांकि इसको लेकर अनपढ़ सरपंचों द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी डाली गई थी लेकिन बृहस्पतिवार को इस आखिरी उमीद पर भी पानी फिर गया। जिसके चलते मेवात के अनपढ़ नेताओं के अरमान धरे के धरे रह गए।
सुप्रीम कोर्ट से अंतिम राहत की बाट जोह रहे हरियाणा के लाखों अनपढ़ पंच सरपंचों को यहां भी राहत नहीं मिली। जिससे इनका जमाना अब लद जाएगा।
क्या कहतें हैं मेवात के लोग
01- ग्राम पंचायतों में पढ़े लिखे युवाओं की भागीदारी होना बेहद जरुरी था। देर से सही लेकिन इस सरकार ने हरियाणा के इतिहास में पंचायतों के हित में फैसला लेकर विकास की राह को मजबूत कर दिया है। जैसे युवा शिक्षित होकर मेवात का नाम रोशन कर रहें हैं अब वैसे ही वह अब गांवों का भी विकास कर उनका नाम रोशन करेंगे:- अर्जुनदेव चावला प्रधान नगर पालिका।
02- सरकार द्वारा पंचायत चुनावों में ऐन मौके पर लगाया गया शैक्षणिक योग्यता वाला फैसला दुर्भाग्यपूर्ण हैं। ऐसे फैसले लेने की बजाए सरकार को हरियाणा के विकास पर ध्यान देना चाहिए। बल्कि ऐसे फैसले सरकार को पहले एमएलए तथा सांसदों के लिए लागू करने चाहिए न की पंचायत राज में:- अमन अहमद कांग्रेसी नेता।
03- पंचायती राज चुनावों में शैक्षणिक योग्यता लागू करना सरकार का ऐतिहासिक कदम है। पढे़ लिखे पंच-सरपंच जब गांवों की बागड़ोर संभालेंगे तो गांव भी शहरों की तर्ज पर विकास करेंगे। लोगों को ऐसे फैसलों का स्वागत करना चाहिए न की विरोध:- राकेश जैन भाजपा नेता।