एक बार फिर लिव इन पार्टनर की एक ऐसी घिनौनी करतूत सामने आई है जिससे लिव-इन में रहने वालों पर से भरोसा उठ सा जाता है। गौरतलब है कि राजधानी दिल्ली में एक लिव-इन पार्टनर ने अन्य दोस्तों की मदद से अपने पार्टनर की बेरहमी से हत्या कर दी।
बात बुधवार देर रात की है। कमरे में कुल चार लोग थे जिसमें से 3 ने मिलकर चौथे को मारने का प्लान बनाया था। मरने वाला योगेंद्र सिंह शराब के नशे में धुत था और इसके बावजूद वो और पीता जा रहा था।
इस दौरान योगेंद्र की 6 साल से लिव-इन पार्टनर रही नीतू अपने बॉयफ्रेंड रोहित अपनी पड़ोसन आशा के साथ मिलकर योगेंद्र के नशे में डूब जाने का इंतजार कर रहे थे।
जैसे ही उन तीनों को यकीन हो गया कि योगेंद्र पूरी तरह से नशे में धुत है तो तीनों ने मिलकर योगेंद्र का एक कपड़े से गला घोंट दिया। वो कपड़ा नीतू अपने साथ ही लाई थी।
कार में भर कर फेंक आई पार्टनर की लाश
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के अनुसार बुधवार को रात 1 बज चुके थे और पार्टी भी खत्म हो गई थी। लेकिन योगेंद्र की लाश को को ठिकाने लगाना बाकी था। आशा जिसके घर में ये पार्टी थी कि उसका घर साथियाबाद में था। रात में तीनों ने योगेंद्र की लाश को आशा की कार में रखा और साथियाबाद में सुनसान इलाके की तलाश में निकल पड़े।
ऐसी जगह की तलाश करते करते तीनों को एक घंटे बीत गए। रात करीब 3 बजे उन्हें नरेला सेक्टर ए9 के पॉकेट 1 में डीडीए फ्लैटों के पास उन्हें ऐसी ही जगह दिखाई दी। उन्होंने आसपास देखकर कि कोई उन्हें देख तो नहीं रहा योगेंद्र की लाश वहां फेंक दी।
इसके साथ ही उन्होंने पत्थर से योगेंद्र का चेहरा भी बिगाड़ने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहे। अगले दिन सुबह स्थानीय लोगों ने जब योगेंद्र की लाश को देखा तो पुलिस को इसकी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस इस मामले की छानबीन में जुट गई।
तीनों हुए गिरफ्तार
एसीपी रविंद्रन कुमार शर्मा के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने योगेंद्र के परिवार से पूछताछ की जिसमें पता चला कि वो नीतू के साथ लिव-इन में रहता था। इसके बाद पुलिस ने नीतू को पकड़ा और उसने पूछताछ के दौरान सारी बात कबूल कर ली है।
नीतू ने अपने दोस्तों के संलग्न होने की बात भी बताई। पुलिस के अनुसार योगेंद्र और नीतू 2009 से ही एक-दूसरे के साथ लिव-इन में रह रहे थे। इतने समय में चूंकि योगेंद्र की कोई अच्छी कमाई नहीं थी और उसपर कर्ज भी था। इसलिए नीतू उससे चिढ़ने लगी थी।
दोनों के बीच पैसों को लेकर झगड़े भी होते थे और योगेंद्र ने उसे पीटा भी था। मंगलवार को जब योगेंद्र घर लौटा तो नीतू उसे अपने साथ आशा के घर ले गई। वहां रोहित पहले से ही मौजूद था। तीनों ने वहीं हत्या की साजिश रची।
पुलिस ने बताया कि आशा के पति की कुछ दिन पहले ही मौत गई थी और वो किराए के घर में अकेले रहती थी। नीतू के बॉयफ्रेंड रोहित की हाल ही में आशा और नीतू से जान पहचान हुई थी। पुलिस ने आशा और रोहित को भी गिरफ्तार कर लिया है। तीनों को बुधवार को ही हिरासत में भेज दिया गया।