‘बेटी ही बचाएगी क्योंकि अगर बेटी न होगी तो न बहन होगी, न मां, न समाज और न ही देश-दुनिया। इसलिए हम शपथ लेते हैं कि बेटियों को समाज में बराबरी का दर्जा देंगे और उनका हक दिलाएंगे।’ ये शपथ शुक्रवार को घंटाघर रामलीला मैदान में अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से आयोजित बेटी ही बचाएगी अभियान के तहत हजारों शहरवासियों ने एक साथ ली। इस दौरान 2570 लोगों ने शपथ पत्र भरकर दिए।
अभियान में स्कूली बच्चों समेत शहर के प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने बेटी बचाने का संकल्प लिया। शपथ ग्रहण के बाद निकाली गई जागरूकता रैली को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुणाल सिल्कू, एडीएम सिटी रक्षपाल सिंह, एसपी ट्रैफिक किरण यादव, सिटी मजिस्ट्रेट श्रीप्रकाश गुप्त, राज्य महिला आयोग की सदस्या राजदेवी चौधरी और बसपा एमएलसी मुकुल उपाध्याय ने झंडी दिखाकर रवाना किया
रैली घंटाघर रामलीला मैदान से शुरू होकर रमते राम रोड, डासना गेट, मालीवाड़ा चौक, वसंत चौक से होते हुए होली चाइल्ड चौक पर समाप्त हुई। रैली में शैक्षिक संस्थान, सामाजिक संस्थान, महिला संगठन, आटो यूनियन, आरडब्ल्यू फेडरेशन और चिकित्सक सहित तमाम लोग शामिल हुए।
गाजियाबाद सिविल डिफेंस के अनिल सरीन और उनके साथियों ने रैली के दौरान ट्रैफिक नियंत्रण में सहयोग दिया। अभियान की सफलता में सुल्लामल रामलीला कमेटी का मुख्य सहयोग रहा।
नाटक ने गुदगुदाया
‘बेटे से कम नहीं है बेटी, बेटी नाम कमाती है, जिसे बोझ समझते थे अब वह बोझ उठाती है...।’ रैली से पूर्व मित्र ग्रुप के कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक कर समाज को बेटी की महत्वपूर्ण भूमिका का संदेश दिया।
नाटक की शुरुआत जुआरी और शराबी अड्डे पर छापेमारी से होती है, जहां पुलिस दबिश देकर गलत कार्यों में संलिप्त बेटों को दबोचती है। कलाकारों ने साबित किया कि जो मां-बाप बेटे की चाह में बेटियों को कोख में मारने को उतारू हो जाते हैं, बड़े होकर वही किस कदर उन्हें खून के आंसू रुलाते हैं।
नाटक घंटाघर रामलीला मैदान के साथ ही कलक्ट्रेट कैंपस, आरडीसी सहित कई स्थानों पर हुआ। इस दौरान ग्रुप की ओर से आलोक शिशोदिया, भूपेंद्र त्यागी, भोपाल सिंह आदि रहे।