सौरभ भारद्वाज लगातार तीसरी बार ग्रेटर कैलाश से विधायक बने हैं। पहली बार 49 दिन की केजरीवाल सरकार में उन्हें मंत्री भी बनाया गया था, लेकिन दूसरी बार सरकार की जगह संगठन में लगाया गया। इस बीच वे संगठन के लिए काम करते रहे। तीसरी बार विधायक बनने और राघव चड्ढा के राज्यसभा सांसद बनने के बाद उन्हें दिल्ली जल बोर्ड का उपाध्यक्ष बनाया गया। वे पार्टी के संस्थापक सदस्य हैं और अन्ना आंदोलन से भी जुड़े थे।
आतिशी पहली बार बनी मंत्री
कालकाजी विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी की विधायक आतिशी ने पहली बार मंत्री पद की शपथ ग्रहण की। 2020 में पहली बार वे विधायक बनीं। आतिशी केजरीवाल सरकार के साथ लंबे समय से काम कर रही हैं और उपमुख्यमंत्री रहे मनीष सिसोदिया की सलाहकार भी रह चुकी हैं। दिल्ली के सरकारी स्कूलों में आए बदलाव के पीछे आतिशी की अहम भूमिका मानी गई है। आतिशी के ही सुझाव पर शिक्षा के क्षेत्र में तमाम बदलाव किए गए हैं।
राजनीति में आने से पहले शिक्षिका रही हैं आतिशी
1981 को जन्मी आतिशी की पढ़ाई दिल्ली के स्प्रिंगडेल स्कूल में हुई। इसके बाद उन्होंने सेंट स्टीफेंस कॉलेज से बैचलर डिग्री हासिल की। डीयू से पढ़ाई करने के बाद रोड्स स्कॉलशिप हासिल कर ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी लंदन से मास्टर्स किया। राजनीति में आने से पहले आतिशी ने आंध्रप्रदेश के ऋषि वैली स्कूल में इतिहास पढ़ाती थीं। उन्होंने कई स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ भी काम किया हैं। वे अन्ना आंदोलन के समय केजरीवाल के संपर्क में आईं।