सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार प्रचारित करना चाहती थी कि आप सैकड़ों शेल कंपनियां चला रही थी। हालांकि, यह साजिश पकड़ी गई। उन्होंने केंद्र सरकार से जांच कर यह बताने की मांग की कि सरकारी आवास के पते पर 58 जीएसटी पंजीकरण कैसे हो गए। भारद्वाज ने दिल्ली और 2022 के पंजाब चुनाव से पहले आप पर लगाए गए झूठे आरोपों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि दिल्ली शराब घोटाले में आरोप पत्र तक दाखिल नहीं हो पाया और 2022 में खालिस्तानी वित्तपोषण का मामला भी नहीं बना।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आप के राष्ट्रीय दफ्तर, जिसका पता 1, कैनिंग लेन एरिया, नई दिल्ली है, पर 58 कारोबार पंजीकृत किए गए। उन्होंने कहा कि जीएसटी पंजीकरण आसानी से नहीं होता। एक सरकारी बंगले के पते पर कोई निजी कारोबार कैसे पंजीकृत हो सकता है, यह सवाल उठाया गया। पंजीकरण के लिए आधार कार्ड का ओटीपी सत्यापन, पानी या बिजली का बिल और संपत्ति कर जैसे दस्तावेज चाहिए होते हैं। किराए की जगह के लिए मकान मालिक का किराया समझौता और अनापत्ति प्रमाण पत्र भी आवश्यक होता है।
भारद्वाज ने कहा कि इन 58 कारोबारों के जीएसटी पंजीकरण में विकास चौधरी (ट्रेड नाम प्रियंका), आशा एंटरप्राइजेज, मोहम्मद अहमद, फैजान अहमद, मोहम्मद असद कुरैशी, अफजल, मोहम्मद दिलशाद, साफिया खानम, सीमा परवीन, काशिफ सिद्दीकी, सरफराज और मोहम्मद फैजान जैसे नाम शामिल हैं। इन सभी का काम-धंधा आयात-निर्यात लिखा गया है। जीएसटी अधिकारी अक्सर कारोबार स्थल का भौतिक सत्यापन भी करते हैं। सौरभ भारद्वाज ने सवाल किया कि क्या केंद्र सरकार सिर्फ एक पार्टी को चुनाव हराने के लिए ऐसा झूठ चलाएगी।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा का इरादा एक महीने तक झूठे खुलासे कर आप को चुनाव हराना था। उन्होंने बताया कि इन पंजीकरणों का पूरा विवरण, तारीख और आधार सत्यापन जीएसटी की वेबसाइट पर उपलब्ध है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस षड्यंत्र में शामिल लोगों और सत्यापन करने वाले अधिकारियों की जांच की मांग की। आप ने शनिवार, 19 सितंबर 2026 को प्रधान मुख्य आयुक्त जीएसटी, व्यापार एवं कर आयुक्त और नई दिल्ली के पुलिस आयुक्त को शिकायत दी है। हालांकि, अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।