विशेष न्यायाधीश गीतांजलि गोयल के समक्ष सोमवार को दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन व अन्य के खिलाफ दायर मामले की सुनवाई तय थी। न्यायाधीश गोयल ने ईडी के मामले का हवाला देते हुए कहा कि केस के तथ्यों और परिस्थितियों पर गौर करते हुए जो ईडी वाले मामले के दौरान सवाल उठे, उसके बाद मामले को इस अदालत से ट्रांसफर कर दिया गया।
राऊज एवेन्यू कोर्ट की विशेष न्यायाधीश गीतांजलि गोयल ने दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन व अन्य के खिलाफ सीबीआई के मामले में सुनवाई करने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि न्याय की मांग है कि यह अदालत किसी भी संभावित पूर्वाग्रह की आशंका को शांत करने के लिए इस मामले की और सुनवाई न करे। दरअसल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आग्रह पर उनकी कोर्ट से ईडी के मनी लॉन्ड्रिंग मामले की सुनवाई दूसरी कोर्ट में स्थानांतरित कर दी गई थी।
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विशेष न्यायाधीश गीतांजलि गोयल के समक्ष सोमवार को दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन व अन्य के खिलाफ दायर मामले की सुनवाई तय थी। न्यायाधीश गोयल ने ईडी के मामले का हवाला देते हुए कहा कि केस के तथ्यों और परिस्थितियों पर गौर करते हुए जो ईडी वाले मामले के दौरान सवाल उठे, उसके बाद मामले को इस अदालत से ट्रांसफर कर दिया गया। अदालत ने मामले को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के समक्ष 19 अक्तूबर को रखने का निर्देश दिया। कहा कि वे तय करें मामले की सुनवाई किस जज के पास भेजी जाए।
ईडी ने सीबीआई की प्राथमिकी के आधार पर ही जैन व आठ अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी। सीबीआई ने भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत जैन और अन्य के खिलाफ 24 अगस्त 2017 को प्राथमिकी दर्ज की थी। आरोप लगाया गया कि जैन ने दिल्ली सरकार में मंत्री रहते हुए 14 फरवरी 2015 से 31 मई, 2017 के बीच जो संपत्ति अर्जित की, वह उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से कई गुणा अधिक थी। इस मामले में जैन जमानत पर हैं। ईडी ने इसी साल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपनी चार्जशीट दाखिल की है। इसमें जैन और उनकी पत्नी समेत छह लोगों और चार कंपनियों को आरोपी बनाया गया है। ईडी ने जैन की जमानत पर सुनवाई के दौरान अदालत द्वारा पूछे गए सवालों के बाद सवाल उठाते हुए मामले की सुनवाई दूसरी अदालत में करने का आग्रह किया था। इसके बाद जिला जज ने सुनवाई दूसरी अदालत में स्थानांतरित कर दी थी।