अधिकारियों को 6.73 करोड़ की रिश्वत
ईडी का दावा है कि यूरोटेक को टेडर में हेराफेरी से 10 करोड़ रुपये का अनुचित लाभ हुआ। वहीं, वरिष्ठ अधिकारियों को नकदी, हवाला और फर्जी इनवॉयस के जरिये 6.73 करोड़ की रिश्वत दी गई। 17.70 करोड़ रुपये के इस घोटाले में 15.36 करोड़ की संपत्ति अटैच कर चुका है।
तत्कालीन सीईओ ने रिश्वत से खरीदी अचल संपत्ति
एसीबी ने दावा किया कि तत्कालीन सीईओ उदित प्रकाश और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों में एएन एंटरप्राइजेज के जरिये करीब 1.52 करोड़ रुपये पहुंचे। जांच में इस रकम को रिश्वत बताया गया है। एजेंसी के मुताबिक, इस रकम का इस्तेमाल अचल संपत्ति खरीदने में किया गया। एएन एंटरप्राइजेज के खाते में यह रकम यूरोटेक से जुड़ी संस्थाओं के जरिये पहुंचने की बात भी सामने आई है।
सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर आप ने भाजपा पर साधा निशाना
आम आदमी पार्टी ने पंजाब के सह प्रभारी और पूर्व दिल्ली जल मंत्री सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी को राजनीतिक कार्रवाई करार देते हुए भाजपा पर निशाना साधा है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले जैन की गिरफ्तारी का मकसद चुनाव को प्रभावित करना है।
केजरीवाल का दावा- शाह के फोन पर एसीबी ने की कार्रवाई
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'एसीबी के एक अधिकारी ने बताया- सुबह तक एसीबी का सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार करने का कोई प्लान नहीं था। फिर दोपहर में अमित शाह जी का सीधे फोन आया कि गिरफ्तार कर लो। तब गिरफ्तार किया। जाहिर है कि अब गिरफ्तारी इस बात से नहीं होती कि किसी ने कोई गुनाह किया है या नहीं बल्कि इस बात से होती है कि वे दोनों किसे गिरफ्तार करना चाहते हैं।'
भाजपा के पाप का घड़ा भर चुका: केजरीवाल
आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सत्येंद्र जैन को एक बार फिर झूठे मामले में गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछला मामला भी फर्जी था और यह मामला भी फर्जी साबित होगा, लेकिन जेल में बिताए समय और मानसिक प्रताड़ना की भरपाई कौन करेगा। केजरीवाल ने कहा कि भाजपा के पाप का घड़ा भर चुका है और मोदी सरकार का अंत तय है।
वही किस्सा दोहराता देख रहे हैं जो 2022-23 में हुआ: आतिशी
दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी ने कहा, 'आप नेता सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी भाजपा द्वारा किए गए विच हंट का हिस्सा है। भाजपा दिल्ली में एक के बाद एक घोटाले कर रही है। साइकिल घोटाला, राशन घोटाला, स्वास्थ्य घोटाला लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। दूसरी तरफ हम वही किस्सा दोहराता देख रहे हैं जो 2022-23 में हुआ। सत्येंद्र जैन को झूठे केस में फंसाया गया और उसके बाद सामने आया कि कोई सबूत नहीं था, उन्हें गलत तरीके से गिरफ्तार किया गया था।'
यह भाजपा की सस्ती राजनीति, पंजाब में पैर नहीं जम रहे: सीएम मान
दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व दिल्ली मंत्री सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भाजपा पर निशाना साधा है। मान ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव के समय विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार कर उन्हें न्यायिक हिरासत में रखने की रणनीति अपना रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि "यह भाजपा के काम करने का तरीका है। वे अब हताश हो चुके हैं। पंजाब में उनके पैर नहीं जम रहे और पार्टी को यहां कोई आधार नहीं मिल रहा। इसलिए उन्होंने पंजाब के सह प्रभारी सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार कर लिया।" मान ने कहा कि भाजपा ने दिल्ली में भी इसी तरह की कार्रवाई की थी। उन्होंने संजय सिंह और मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए कहा कि जिस मामले की बात की जा रही है, उस समय सत्येंद्र जैन पहले से ही जेल में थे। उनका इशारा डीजेबी से जुड़े उस मामले की ओर था, जिसमें टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितता और आपराधिक साजिश के आरोप लगाए गए हैं।
जैन की गिरफ्तारी भाजपा की बौखलाहट दिखाती है: सिसोदिया
पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि चुनाव से ठीक पहले जैन की गिरफ्तारी भाजपा की बौखलाहट दिखाती है। राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि दिल्ली चुनाव से पहले भी आप नेताओं को गिरफ्तार कर चुनाव प्रभावित करने का प्रयास किया गया था और अब पंजाब में वही रणनीति अपनाई जा रही है। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने गिरफ्तारी को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया।
सत्येन्द्र जैन की गिरफ्तारी पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, 'सदन में 19 कैग रिपोर्ट पेश की गई। वो रिपोर्ट पिछली आम आदमी पार्टी सरकार के समय हुए सभी घोटालों को प्रस्तुत करता था। सभी कैग रिपोर्ट पर कार्रवाई चल रही है। एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और जो बीज बोया है, वो तो सामने आएगा ही, तो सत्येंद्र जैन ने जल बोर्ड का जो स्कैम किया था, उसके नाते जेल गए हैं और कार्रवाई चल रही है।'
इधर...मंत्री बोले-कुर्सी बदल सकती है, फाइलें नहीं
दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सत्ता जवाबदेही को टाल सकती है, लेकिन उसे मिटा नहीं सकती। उन्होंने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड की एसटीपी टेंडर प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं के मामले में अब पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी हुई है। उन्होंने कहा कि कुर्सी बदल सकती है, लेकिन फाइलें वहीं रहती हैं और आखिरकार जवाबदेही तय होती है।
करीब दो साल जेल में रहे जैन
इससे पहले सत्येंद्र जैन को ईडी ने 30 मई 2022 को गिरफ्तार किया था। उन पर मनी लांड्रिंग का केस दर्ज हुआ था। बीते दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले 18 अक्तूबर 2024 को दिल्ली की अदालत ने उनको जमानत दी थी। इसके बाद 872 दिन तिहाड़ जेल से बाहर आए थे।
जेल में रहने के दौरान सत्येंद्र जैन को वीआईपी ट्रीटमेंट मिलने के आरोप लगे थे। ईडी ने कोर्ट में एक हलफनामा और कुछ तस्वीरें देकर इसकी शिकायत की थी। जांच एजेंसी ने कहा था कि सत्येंद्र जैन को तिहाड़ जेल में कई तरह की सुविधाएं मिल रही हैं। इस आरोप को झूठा बताते हुए आम आदमी पार्टी ने उनकी तबियत खराब होने की बात कही थी।