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दिल्ली में खतरनाक इमारतों पर एमसीडी की चोट: 17 संपत्तियों पर चला बुलडोजर, पांच सील; 15 को ढहाने के आदेश

Tue, 08 Sep 2026 08:42 PM IST
Rahul Kumar Tiwari अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

सत्य निकेतन हादसे के बाद एमसीडी ने खतरनाक और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। मंगलवार को दिल्ली के 12 जोन में 17 संपत्तियों पर तोड़फोड़ और पांच को सील किया गया। 
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हादसे के बाद एमसीडी की कार्रवाई - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सत्य निकेतन में इमारत ढहने के हादसे के बाद एमसीडी ने खतरनाक और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। सोमवार को सात संपत्तियों पर कार्रवाई के बाद मंगलवार को उसने 17 संपत्तियों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की। वहीं, पांच संपत्तियां सील करने के साथ 15 के ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए गए। इन संपत्तियों में मानसून से पहले किए गए सर्वे में खतरनाक पाई गई संपत्तियां भी शामिल है।
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एमसीडी के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली के सभी 12 जोन में तोड़फोड़ और सीलिंग की कार्रवाई गई। इसमें लक्ष्मी नगर, विश्वास नगर, मुखर्जी नगर, जामिया नगर, शाहीन बाग, तिलक नगर, कर्मपुरा, करोल बाग, रमेश नगर, मानसरोवर गार्डन, चांदनी चौक, नेहरू विहार समेत दूसरे इलाके भी शामिल हैं। इसमें अनधिकृत और नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माणों के खिलाफ कई स्तरों पर कार्रवाई की।
 

तोड़फोड़ के अलावा नौ संपत्तियों के संबंध में अनधिकृत निर्माण के शो-कॉज नोटिस जारी किए गए, जबकि सीलिंग कार्रवाई से जुड़े दो नोटिस भी दिए गए। एमसीडी ने केवल तोड़फोड़ और सीलिंग तक ही कदम सीमित नहीं रखा, बल्कि 15 संपत्तियों के ध्वस्तीकरण आदेश जारी कर आगे की कार्रवाई का आधार भी तैयार किया है।
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सत्य निकेतन हादसे ने दिल्ली में भवन सुरक्षा और एमसीडी की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इसके बाद खतरनाक भवनों की पहचान और अनधिकृत निर्माण पर कार्रवाई को लेकर एमसीडी पर दबाव बढ़ा है। मंगलवार को हुई कार्रवाई इसी बढ़ी सक्रियता का संकेत मानी जा रही है। एक ही दिन में 17 संपत्तियों पर तोड़फोड़ और पांच को सील किए जाने के साथ एमसीडी ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि जान जोखिम में डालने वाले अथवा नियमों की अनदेखी कर किए गए निर्माणों पर कार्रवाई में अब ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
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