वारदात का खौफनाक मंजर
मृतक के भाई अब्दुल सत्तार ने पुलिस को बताया कि मोहम्मद आलम चार महीने बाद बिहार के सहरसा स्थित अपने गांव से दिल्ली वापस लौटे थे और जहांगीरपुरी के एच-4 ब्लॉक में परिवार के साथ रह रहे थे। रात डेढ़ बजे जब आलम अपनी दुकान पर काम कर रहे थे, तभी हेलमेट पहने तीन बदमाश वहां पहुंचे और बिना कुछ कहे अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों हमलावर आसानी से पैदल ही मौके से फरार हो गए।
कारोबारी रंजिश का शक
उत्तर पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) आकांक्षा यादव ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि परिवार वालों से पूछताछ में कारोबारी रंजिश की बात सामने आई है। मोहम्मद आलम का कारोबार को लेकर कुछ लोगों से विवाद चल रहा था, जिसका जिक्र उसने अपने भाई से भी किया था।
पुलिस की कार्रवाई
आदर्श नगर थाना पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि वे केवल आपसी विवाद ही नहीं, बल्कि अन्य सभी संभावित पहलुओं से भी मामले की गहन जांच कर रहे हैं। फिलहाल, हमलावरों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए घटनास्थल और मंडी के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को कब्जे में लेकर खंगाला जा रहा है।