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दिल्ली पीजी हादसा: किराये के लालच में बनाई थी चार मंजिल, काफी पुरानी थी इमारत; पुलिस की एफआईआर में बड़ा खुलासा

Tue, 08 Sep 2026 12:41 PM IST
अनुज कुमार एएनआई, नई दिल्ली

सार

Satya Niketan Building Collapse: सत्य निकेतन इमारत ढहने के मामले में एक नया खुलासा हुआ है। एफआईआर में बताया गया है कि पुरानी संरचना पर अतिरिक्त मंजिलें बनाई गई थीं और निर्माण कार्य जारी था, जिसकी वजह से इमारत ढह गई। 
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सत्य निकेतन इमारत हादसा मामला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली पुलिस ने सत्य निकेतन इमारत ढहने के मामले में एफआईआर दर्ज की है। इस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई थी। एफआईआर में पुरानी संरचना पर अतिरिक्त मंजिलें बनाने और निर्माण कार्य जारी रहने का आरोप है।

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हाईकोर्ट का पीआईएल को सूचीबद्ध करने से इनकार
दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास पेइंग गेस्ट (पीजी) भवन के ढहने की घटना के बाद दायर एक जनहित याचिका (पीआईएल) को दिल्ली हाईकोर्ट ने अत्यावश्यक आधार पर सूचीबद्ध करने से इनकार कर दिया है।

याचिका में मांग की गई थी कि दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़े सभी कॉलेजों में छात्रों के लिए हॉस्टल सुविधा अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने कहा कि इस तरह की व्यापक दिशा अंतरिम आदेश के रूप में नहीं दी जा सकती।
 

पुलिस को एक बजे मिली थी इमारत गिरने की सूचना
एफआईआर के मुताबिक, घटना दोपहर करीब 1 बजे हुई थी। पुलिस को 1:34 बजे सूचना मिली कि एक पीजी इमारत ढह गई है और छात्र अंदर फंसे हैं। शिकायतकर्ता एएसआई प्रफुल टोपपो ने बताया कि पुलिस मौके पर पहुंची। वहां पूरी इमारत ढही हुई मिली और कई लोग जमा थे। 

स्थानीय जांच में पता चला कि यह इमारत पीजी के रूप में इस्तेमाल हो रही थी। इसमें कई छात्र और अन्य लोग रह रहे थे। हादसे के बाद कुछ लोग मलबे में फंस गए थे। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, जिला क्राइम टीम, एनडीआरएफ, एफएसएल कर्मी, दमकल और बचाव दल मौके पर बुलाए गए। नीरज (19), आदित्य कुमार, कृष्ण और चार अज्ञात लोगों को एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया।

निर्माण में लापरवाही के आरोप
स्थानीय जांच के आधार पर एफआईआर में आरोप है कि इमारत कई साल पुरानी थी। इसके मालिक हरिराम बंसल और उनके भाई ने कथित तौर पर किराये की आय के लिए चार ऊपरी मंजिलें बनाई थीं। एफआईआर में यह भी कहा गया कि नया निर्माण चल रहा था। इससे संरचना पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा था। पुलिस ने आरोप लगाया कि मालिकों को पता था कि नींव अतिरिक्त वजन नहीं सह सकती।
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हादसे के बाद सरकार ने दिए पीजी-कोचिंग सेंटरों की जांच के आदेश
इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार इस मामले की जांच कर रहे हैं। यह एफआईआर 6 सितंबर के एक अन्य हादसे की जांच के बीच आई है, जिसमें भी सात लोगों की मौत हुई थी। दिल्ली पुलिस ने उस मामले में हरिराम, उनकी पत्नी उर्मिला और बेटे महेश को गिरफ्तार किया है। अतिरिक्त डीसीपी अभिमन्यु पोसवाल ने बताया था कि उस हादसे से पहले बेसमेंट में नवीनीकरण कार्य चल रहा था। दिल्ली सरकार ने त्रासदी के बाद शहर भर में पीजी और कोचिंग सेंटरों के सुरक्षा निरीक्षण तेज करने का आदेश दिया है।
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