मोहननगर चौराहे पर शनिवार देर रात से डायवर्जन लागू हो जाएगा। ट्रैफिक पुलिस ने रूट डायवर्जन लागू करने की तैयारी कर ली है। चौराहे पर रोटरी सिस्टम के आधार पर ट्रैफिक का मूवमेंट किया जाएगा।
28 नवंबर से डीएमआरसी चौराहे पर मेट्रो पिलर का काम शुरू कर देगी। चौराहे पर रूट डायवर्जन के करीब छह माह तक लागू रहने की आशंका है।
दिलशाद गार्डन से गाजियाबाद नया बस अड्डा तक मेट्रो का ट्रैक बनाने का कार्य किया जा रहा है। ट्रैक के दो पिलर चौराहे के बीचोबीच बनने हैं। इसके चलते डीएमआरसी चौराहे पर बैरेकेडिंग करेगी।
इस दौरान जाम के झाम से लोगों को बचाने के लिए डीएमआरसी, जीडीए औरट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों ने मीटिंग की। इसके बाद ट्रैफिक प्लान तैयार किया।
रोटरी की तर्ज पर गुजरेगा ट्रैफिक
ट्रैफिक प्लान के मुताबिक अप्सरा बॉर्डर से गाजियाबाद की ओर जाने वाली सड़क के डिवाइडर को बंद कर दिया जाएगा। गाजियाबाद से अप्सरा बॉर्डर की ओर मोहननगर चौराहे से ट्रैफिक सीधा आता-जाता रहेगा।
गाजियाबाद लोनी जाने वाला ट्रैफिक मोहननगर चौराहे से आगे जीटी रोड से राजेंद्र नगर रोड से करनगेट पुलिस चौकी की ओर से निकाला होगा।
लोनी की ओर से ट्रैफिक मोहननगर चौराहे से अर्थला-वाणिज्यकर चेक पोस्ट से राइट टर्न के पास से निकलेगा। टीआई अनिल कुमार ने बताया कि पुलिस की कोशिश है कि जाम न लगे। लोगों को असुविधा न हो।
अब जाम के इलाज का जिम्मा डीएमआरसी को
अब मोहन नगर चौराहा को सिग्नल फ्री करने का खाका डीएमआरसी तैयार करेगी। जीडीए ने मोहननगर चौराहा सुधार के लिए सर्वे करने के लिए डीएमआरसी को पत्र लिखा है।
साथ ही सुधार पर होने वाले खर्च को वहन करने की भी बात कही है। मोहन नगर चौराहे के सुधार पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्रोजेक्ट को मेट्रो प्रोजेक्ट में शामिल कराने की भी बात है।
ऐसा होने के बाद प्रोजेक्ट की कुल लागत भी करीब 2400 करोड़ रुपये हो जाएगी। दरअसल मोहननगर चौराहे के सुधार का खाका अभी तक सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआरआई) के जिम्मे था।
बीते दिनों सीआरआरआई के प्लान को लागू कर जीडीए फजीहत झेल चुका है। सिग्नल फ्री लागू होने के दिन पूरा शहर जाम से परेशान हो गया था। इसके बाद जीडीए ने नए सिरे से सीआरआरआई से प्लान मांगा था।
जीडीए ओएसडी डीपी सिंह के मुताबिक मेट्रो प्रोजेक्ट बनने के बाद चौराहे पर ट्रैफिक और बढ़ जाएगा। इससे निजात के लिए डीएमआरसी को इंटीग्रेटेड प्लान बनाने के लिए कहा गया है।
बैठक में डीएमआरसी अधिकारियों ने इस पर सहमति भी दे दी है। जल्द ही इस संबंध में सर्वे शुरू होगा। जीडीए इसकी लागत वहन करेगा।