दशकों से दिल्ली कांग्रेस के भ्रष्टाचार के तले दबी रही और देश की राजधानी होने के बावजूद, विकास दिल्ली से कोसों दूर रहा, लेकिन 2015 में दिल्ली में एक बहुरुपिये ने दिल्ली को सपना दिखाया और लोगों ने यकीन भी किया कि शायद अब दिल्ली का कुछ भला होगा। प्रचंड बहुमत से दिल्ली में केजरीवाल की सरकार बनी, लेकिन केजरीवाल के कुशासन से पिछले साढ़े चार साल में दिल्ली वालों को सिर्फ दर्द दिया।
अब दिल्ली की जनता मन बना चुकी है कि दिल्ली को दर्द देने वाले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली से बाहर करना है। तिवारी ने कहा कि आगामी छह महीने तक भाजपा कार्यकर्ता गली-गली, घर-घर जाकर न सिर्फ पार्टी की नीति और सिद्धांत से लोगों को जोड़ेंगे बल्कि केंद्र सरकार की जनहितकारी नीतियों को घर-घर तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री केंद्र सरकार की जनहितकारी नीतियों से भयभीत हैं। उनका यह भय आर्थिक आधार पर आरक्षण और आयुष्मान भारत योजना को दिल्ली में नहीं लागू करना इसका उदाहरण है।
रमेश बिधूड़ी का किया स्वागत
उधर, तुगलकाबाद में दक्षिणी दिल्ली के सांसद रमेश बिधूड़ी को इलाके की जनता ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत कर अपनी खुशी जाहिर की। इस मौके पर बिधूड़ी ने क्षेत्र के लोगों व भाजपा कार्यकर्ताओं का विजय दिलाने में उनकी मेहनत की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश की जनमानस और युवाओं ने प्रधानमंत्री मोदी पर एक बार फिर विश्वास जताकर प्रचंड जीत दिलाई है। देशद्रोह की विचारधारा को सिरे से नकारा है।