गंगा को बचाने के लिए अनशन कर रहे संत गोपालदास बुधवार को संदिग्ध परिस्थितियों में दिल्ली के एम्स से लापता हो गए। ऋषिकेश से दिल्ली एम्स रेफर होने के बाद इमरजेंसी बिल्डिंग की 8वीं मंजिल पर भर्ती संत गोपालदास से किसी को मिलने की अनुमति नहीं थी, बावजूद इसके बुधवार सुबह वार्ड में वह नजर नहीं आए।
उनसे मिलने पहुंचे पिता शमशेर को जब गोपालदास के लापता होने की जानकारी मिली, तो उन्होंने एम्स प्रबंधन से सवाल पूछे, लेकिन अधिकारियों से लेकर डॉक्टरों तक ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी। इस मुद्दे को लेकर देर रात तक हंगामा होता रहा, आखिर रात को एम्स ने संत गोपालदास को देहरादून भेजने की पुष्टि की। बताया जा रहा है कि संत गोपालदास देहरादून के जौली ग्रांट अस्पताल में भर्ती हैं।
संत गोपालदास के अचानक एम्स से गायब होने की सूचना मिलने के बाद एम्स पहुंचे आम आदमी पार्टी के विधायक सोमनाथ भारती चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय जा पहुंचे। उन्होंने संत गोपालदास के बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन प्रबंधन ने कोई जानकारी नहीं दी।
इसके बाद पुलिस को पिता शमशेर ने लिखित शिकायत दी। वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली है, जहां तक संत गोपालदास का सवाल है तो पुलिस को उन्हें भोपाल एम्स रेफर करने की जानकारी है।
पुलिस के इस बयान पर सोमनाथ भारती का कहना है कि उन्होंने शिकायत की एक प्रति सोशल मीडिया पर भी साझा की है। हौजखास पुलिस अधिकारियों का इस तरह जवाब देना गलत है। इससे जाहिर होता है कि संत गोपालदास का अचानक से गायब हो जाना एक साजिश है।
अपने पिता के नाम लिखी संत गोपालदास की चिट्ठी दिखाते हुए सोमनाथ भारती ने कहा कि इसमें गोपालदास ने साफ लिखा है कि केंद्र सरकार को उनके दिल्ली में होने से तकलीफ है और उनको कहीं दूर डालना चाहती है। इससे ज्यादा सबूत क्या चाहिए। पीएम मोदी के मां गंगा के प्रति छलावे के कारण हमने प्रो. अग्रवाल को खोया, अब संत गोपालदास?
उन्होंने कहा कि संत गोपालदास गायब हैं, उनके पिता ने जब एम्स से यह पूछा कि वह कहां हैं, उनको कहां भेज दिया, तो डॉक्टर कुछ भी जानकारी देने से पहले संत गोपालदास से अथॉरिटी लेटर मांग रहे हैं। 116 दिन से अनशन पर बैठे संत गोपालदास के लापता होने के पीछे केंद्र सरकार और एम्स प्रबंधन की मिलीभगत की ओर इशारा कर रही है।