गाड़ौली गांव में पैदा हुआ संदीप पढ़-लिखकर वकील बनना चाहता था, मगर उसके वकील भाई की हुई हत्या ने उसे अपराधी बना दिया। वर्ष 1999 से वह अपराध के दलदल में फंसता चला गया।
17 साल का आपराधिक सफर तय करने वाला गैंगस्टर का रविवार सुबह 11 बजे मुंबई में अंत हुआ। जिस 40 वर्षीय संदीप गाड़ौली को पुलिस एनकाउंटर में मारा गया, वह दो साल से पुलिस से फरार था।
उसके पिता भूप सिंह हरियाणा पुलिस में इंस्पेक्टर के पद से रिटायर हुए थे। बचपन से ही उसे पुलिस की कार्यशैली का खूब पता था। वह पुलिस के दांव पेच जानता था।
पढ़-लिखकर वह वकील बनना चाहता था, मगर उसके वकील भाई नेहरू की हुई हत्या के बाद उसने बदले की भावना से अपराध की दुनिया में कदम रखा।