पॉलीसिस्टक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओडी) महिलाओं में बढ़ती जा रही है। यह बीमारी किशोरावस्था से 45 साल तक उम्र में कभी भी हो सकती है।
इसमें हॉरामेन्स के असंतुलन की कारण अंडाशय में छोटी-छोटी गांठें बन जाती है। जिस कारण मासिक धर्म के अलावा महिलाओं की प्रजनन क्षमता पर भी असर पड़ता है।
सेक्टर-128 स्थित जेपी अस्पताल में रविवार को पॉलीसिस्टक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओडी) सम्मलेन 2016 आयोजित किया गया।
इससे मुंहासे, रूसी, पेट दर्द, गर्भधारण में दिक्कत परेशानियां शामिल हैं
सम्मेलन में देशभर के 150 डॉक्टरों ने हिस्सा लिया। इसमें त्वचा, स्त्री रोग, रेडियोलाजी, हृदय, इंटरनल मेडिसिन समेत तमाम विभागों के चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल थे।
जेपी अस्पताल की त्वचा विज्ञान विभाग की चिकित्सक डॉ. साक्षी श्रीवास्तव ने बताया कि पीसीओडी महिलाओं में बढ़ती जा रही है।
इसके अलावा चेहरे/ शरीर पर अधिक बाल, मुंहासे, रूसी, पेट दर्द, गर्भधारण में दिक्कत, मोटापा, बार बार गर्भपात, सिर के बालों का अधिक झड़ना आदि परेशानियां शामिल हैं।
ऐसे में युवतियों की शादी में भी दिक्कत आती है
ऐसे में युवतियों की शादी में भी दिक्कत आती है। कुछ की शादी टूटने के मामले भी सामने आए हैं। इस मौके पर मुंबई के सर एचएन रिलायंस अस्पताल और पीडी हिंदुजा अस्पताल की त्वचा रोग विशेषज्ञ नीना मडानी ने कहा कि दूध में यदि ऑक्सीटोसिन मौजूद है तो लंबे समय तक इसका सेवन भी इस बीमारी का कारण बन सकता है।
देश में इसको लेकर शोध नहीं हुआ है लेकिन अमेरिका में शोध से यह साबित हुआ है। इस अवसर पर डॉक्टरों के लिए क्विज हुई।
इस मौके पर डॉ. शैली कपूर, डॉ. सिद्धार्थ सोंथिलिया, डॉ.एसएन भट्टाचार्या, योगेश मर्फटिया और डर्मासोर्श इंडिया से धर्मेंद्र अरोड़ा समेत अन्य पदाधिकारी और डॉक्टर मौजूद रहे।