डेयरी उत्पादों में मिलावट मिलने के बाद फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट के तेवर कड़े हो गए हैं। प्रदेश में सभी बड़ी डेयरियों के उत्पाद के नमूने लेने का निर्णय लिया गया है।
अमूल डेयरी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है, जबकि पारस डेयरी के उत्पादों का दोबारा परीक्षण कराने की अनुमति देने का निर्णय लिया गया है।
खाद्य पदार्थों में मिलावट पर सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद प्रशासन केतेवर भी कड़े हो गए हैं। सूबे के खाद्य आयुक्त हेमंत राव ने सूबे के सभी जिलों में बड़ी डेयरियों के उत्पादों के नमूने लेने के आदेश दिए हैं।
मिलावट के कई बड़े मामले एनसीआर में पकड़े जाने के बाद सूबे में हाईअलर्ट जारी कर दिया गया है। सभी डीओ को इसके आदेश भेज दिए गए हैं। जिले में अमूल डेयरी के दूध में पिछले महीने डिटर्जेंट पावडर मिला पाया गया था।
इस दूध की पैकिंग मेरठ में की गई थी। कंपनी और पैकिंग यूनिट को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। अमूल पर रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी है।
रिपोर्ट दर्ज कराने की अनुमति के लिए खाद्य आयुक्त को पत्र भेजा गया है। पारस डेयरी के पनीर और दूध का नमूना फेल होने के बाद कंपनी को नोटिस जारी कर इसका कारण पूछा गया है।
लिए गए नमूने
डीओ विनीत कुमार सिंह ने बताया कि उद्योग कुंज इंडस्ट्रियल एरिया से जय दुर्गे फूड कंपनी से कुटकुट का नमूना लिया गया है। वह बच्चों के खाने के सामान कुट-कुट का उत्पादन कर प्रदेश भर में बिक्री करता है।
नमूना लेने केदौरान कंपनी के मालिक संजय अग्रवाल मौजूद रहे। इसके अलावा राजेंद्र नगर इंडस्ट्रियल एरिया से वेन्ट कंपनी से नमूना लिया गया। यह कंपनी खजूर मिठाई की पैकिंग करती है। दोनों नमूनों को जांच के लिए भेज दिया गया है।