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निठारी कांड: तब मंत्री के बयान पर मचा था बवाल

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नोएडा में जिस वक्त निठारी कांड हुआ था उस दौरान प्रदेश में सपा सरकार ही थी। घटना का खुलासा होने पर एक मंत्री जायजा लेने आए थे और उन्होंने कह दिया था कि छोटी-मोटी घटनाएं तो होती रहती हैं, इस बात पर लोगों ने काफी नाराजगी जताई थी और उनका विरोध भी किया था।
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मालूम हो कि 29 दिसंबर 2006 को सेक्टर-31 के डी-5 कोठी का मामला उजागर हुआ था। नाले में हड्डियां मिलने पर खुलासा हुआ था कि कोठी में हत्याएं की गई हैं और उनके कंकाल नाले में फेंके गए हैं। घटना का खुलासा होने के बाद प्रदेश के एक मंत्री नोएडा आए थे और उन्होंने मौका मुआयना किया था।

मीडिया के सामने उन्होंने कह दिया था कि इस तरह की छोटी-मोटी घटनाएं तो हो ही जाती हैं। इस बात पर काफी बवाल हुआ था और उनका विरोध भी। मंत्री तो वापस चले गए थे लेकिन प्रदेश सरकार की काफी किरकिरी हुई थी।
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वक्त की बात है कि घटना के दौरान प्रदेश में सपा सरकार थी। अब सुरेंद्र कोली को फांसी देने की तारीख तय हो चुकी है और सह आरोपी रहे मोनिंदर पंधेर को कोर्ट जमानत दे चुका है लेकिन अभी रिहाई होनी बाकी है, तो भी प्रदेश में सपा सरकार ही है।
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कब धुलेगा ये बदनुमा दाग?

भले ही सुरेंद्र कोली को फांसी हो जाए लेकिन घटना ने निठारी गांव पर बदनुमा दाग लगा दिया है। गांव निवासी सतपाल ने बताया कि पिछले सात-आठ साल से देख रहा हूं कि गांव का नाम किसी अच्छे काम के लिए नहीं आया है, आए दिन कोली और पंधेर की लंबी सुनवाई की बात आती रही है।

अब कोली को कभी भी फांसी हो सकती है, इसको लेकर फिर देश-विदेश में निठारी का नाम चलेगा। इसके बाद पंधेर को जमानत पर रिहा होना है, वह बात भी काफी दिन तक चलेगी।

उन्होंने बताया कि जब कोई व्यक्ति डी-5 कोठी के सामने से गुजरता है तो उसके दिमाग में पूरी बात घूम जाती है। निश्चित तौर से फांसी होने के बाद लोगों के सामने एक सबक भी होगा। जिन मासूमों की जान कोली ने ली है, उनके परिवार को काफी सुकून मिलेगा।
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