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दिल्ली का 'माया गैंग': इस फिल्म ने खराब किया समीर का दिमाग, खुद को समझने लगा था माया भाई; नाम से 302 भी जोड़ा

Thu, 31 Aug 2023 07:36 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हत्याकांड के मास्टरमाइंड मोहम्मद समीर उर्फ माया को सीमापुरी इलाके से उसे गिरफ्तार किया गया है। इस पर पहले से चार मर्डर के केस हैं। 
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समीर उर्फ माया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली में बीते मंगलवार की देर रात अमेजन कंपनी के मैनेजर हरप्रीत गिल की हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल मुख्य आरोपी मोहम्मद समीर उर्फ माया और बिलाल गनी उर्फ मालू को गिरफ्तार किया है। 36 साल के मृतक हरप्रीत गिल भजनपुरा में गली नंबर 1 में रहते थे। 

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उत्तर-पूर्वी जिला के पुलिस उपायुक्त डॉ. जॉय टिर्की ने बताया कि इस हत्याकांड में शामिल बिलाल गनी उर्फ मल्लू को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी को रात करीब दो बजे सिग्नेचर ब्रिज के पास से पकड़ा गया। 29 अगस्त को गिरफ्तार आरोपी अपने चार अन्य साथियों के साथ मृतक और घायल व्यक्ति के साथ रोड रेज में शामिल था। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है।

कौन है समीर उर्फ माया
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हत्याकांड के मास्टरमाइंड मोहम्मद समीर उर्फ माया को सीमापुरी इलाके से उसे गिरफ्तार किया गया है। इस पर पहले से चार मर्डर के केस हैं। हालांकि इससे पहले के मामलों में ये नाबालिग था। 27 अगस्त यानी चार दिन पहले ही ये 18 साल का हुआ है। इस पर शुरू से ही डॉन बनने का भूत सवार रहा है। पागलपन ऐसा है कि धौंस जमाने के लिए मीडिया पर हथियारों के साथ फोटो पोस्ट करता है। मोहम्मद समीर उर्फ माया ने अपने इंस्टाग्राम बायो में 'नाम बदनाम, पता कब्रिस्तान, उमर जीने की शौक मरने का' लिखा हुआ है। वह अपने गैंग को माया गैंग कहता है। साथ ही खुद को 'माया भाई'। 

विवेक ओबेरॉय की फिल्म शूट आउट एट लोखंडवाला से हुआ प्रभावित
करीबी बताते हैं समीर ने कुछ साल पहले विवेक ओबेरॉय की फिल्म शूट आउट एट लोखंडवाला केबल टीवी पर देखी थी और तभी से उस पर विवेक ओबेरॉय के कैरेक्टर माया का जुनून सवार हो गया। वह खुद को माया भाई कहलवाने लगा। उसने अपने इंस्टाग्राम आईडी का नाम भी किंग_माया_302 कर लिया था। इसमें आखिर के तीन नंबर (302) की कहानी हत्या के मामले में लगने वाली आईपीसी की धारा है। 
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समीर ने सभी को चौंकाया
ऐसे इलाके में जहां इरफान छेनू, नासिर और हाशिम बाबा जैसे अनुभवी गैंगस्टरों ने एक दशक से अधिक समय से किसी भी दूसरे गिरोह को इलाके में पनपने नहीं दिया है, ऐसे में पूर्वोत्तर दिल्ली के अपराध जगत में समीर के उदय ने कई लोगों को हैरान किया है। कुछ महीनों पहले तक किशोरों का यह गिरोह चलते-फिरते लोगों को लूटता थे। बात बिगड़ने पर फायरिंग करके फरार हो जाते थे। इनकी उम्र 18 साल से कम होने के कारण पुलिस भी कुछ खास कार्रवाई नहीं कर पाती थी और आज ये न केवल पुलिस बल्कि आम लोगों के लिए एक बड़े खतरे तौर पर उभर चुके हैं। 
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