प्रदेश में सत्ता बदली तो अब पुरानी सरकार की समाजवादी आवास योजना का नाम भी बदलेगा। खुद बिल्डरों को अब इस नाम से परेशानी होने लगी है। अब इस योजना का नाम जल्द ही बदलकर ‘मुख्यमंत्री आवास योजना’ रखने पर सहमति बन गई है।
बुधवार को जीडीए में हुई बैठक में बिल्डरों ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बदलने के बाद अब लोगों को लगता है कि समाजवादी आवास योजना भी अधर में फंस जाएगी। इसकी वजह से लोग इस योजना में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।
जबकि प्रोजेक्ट अभी भी चल रहे हैं। ऐसे में इसका नाम समाजवादी आवास से बदलकर मुख्यमंत्री आवास योजना कर दिया जाए। मंत्रियों की कमेटी ने जीडीए अफसरों से पूछा कि इस योजना में प्रधानमंत्री आवास योजना की कोई हिस्सेदारी तो नहीं है।
अफसरों के इंकार करने पर उन्होंने इस पर बिल्डरों को सैद्धांतिक सहमति दे दी है। कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बिल्डरों से कहा कि इस संबंध में वह मुख्यमंत्री से बात करेंगे और वह समझ लें कि इस आवासीय योजना का नाम जल्द ही परिवर्तित हो जाएगा।