वारदात के बाद ऐसा नहीं है कि साहिल वहां से भागा हो बल्कि उस भीड़ के बीच आराम से गुजरता है, जैसे उसे पता हो कि जब मुझे को साक्षी को मारते समय नहीं रोक सका तो जाते हुए क्या रोके। वह वहां से निकल बुलंदशहर अपनी बुआ के गांव पहुंचा और 24 घंटे के भीतर पुलिस के हत्थे चढ़ जाता है।
इन सबके बीच एक युवक की चर्चा खूब हो रही है, नाम है अजय। दरअसल अजय वो शख्स है जिसने साक्षी के शव को उठाकर एंबुलेंस में रखा था। अजय का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह कह रहा है कि अगर मैं उस रात मौके पर होता तो साहिल को ऐसा नहीं करने देता। मैं उन लोगों की तरह साक्षी की मौत का तमाशा नहीं देखता।
अजय ने यह भी कहा कि जो लोग वारदात के वक्त तमाशबीन बनकर साक्षी की मौत का तमाशा देख रहे थे, उन्हें हिम्मत दिखानी चाहिए थी। अगर किसी ने थोड़ी भी हिम्मत दिखाई होती तो शायद वो आज जिंदा होती। चाहें कहीं भी ऐसा कुछ हो रहा हो तो लोगों की पीड़ित की मदद करनी चाहिए न कि चुपचाप तमाश देखना चाहिए।
रिठाला इलाके में चाकू फेंकने का किया है दावा
बुलंदशहर में गिरफ्तार होने के बाद शुरुआती पूछताछ में साहिल ने खुलासा किया था कि हत्या को अंजाम देने के बाद उसने मोबाइल फोन को बंद कर दिया। उसने मोबाइल से सिम निकाल लिया। उसने मोबाइल और सिम को पास ही में ठिकाने लगा दिया। उसके बाद वह रिठाला पहुंचा। जहां एक मैदान में उसने वारदात में इस्तेमाल चाकू को फेंक दिया था।