अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। साकेत कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राहेजा डेवलपर्स लिमिटेड के चेयरमैन नवीन एम राहेजा और मैनेजिंग डायरेक्टर नयन एन राहेजा को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया है। अदालत ने कहा कि गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) यांत्रिक तरीके से जारी नहीं किए जाने चाहिए, क्योंकि इससे आरोपियों के अधिकारों पर गंभीर असर पड़ता है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शीतल चौधरी ने यह आदेश तीन अगस्त को ईडी की उस याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया, जिसमें एजेंसी ने पिता-पुत्र की जोड़ी के खिलाफ ओपन-एंडेड एनबीडब्ल्यू जारी करने की मांग की थी। आरोपियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास पहलवा ने पक्ष रखा।
ईडी का आरोप था कि आरोपी 2022 के ईसीआईआर मामले में जांच में शामिल नहीं हुए और समन का पालन नहीं किया। अदालत ने कहा कि एनबीडब्ल्यू जारी करने से पहले उचित विवेचना जरूरी है।