गौरतलब है कि पहले निचली अदालत ने सज्जन कुमार को 30 अप्रैल 2013 को इस मामले में बाइज्जत बरी कर दिया था। लेकिन, हाईकोर्ट ने उन्हें सिख दंगों के दौरान हत्या, वैमनस्य फैलाने, आगजनी, धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने की साजिश का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
उन्हें 31 दिसंबर तक आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद सज्जन कुमार कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे चुके हैं।
सुल्तानपुरी सिख दंगा मामले में सुनवाई टली
1984 सुल्तानपुरी सिख दंगा मामले की बृहस्पतिवार को पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी। सज्जन कुमार के वकील ने आवेदन दायर कर कहा कि उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है और वह पेश नहीं हो सकते। इसके मद्देनजर कोर्ट ने सुनवाई के लिए 22 जनवरी की तारीख तय की है। मामला सिख दंगों के दौरान तीन सिखों की हत्या से जुड़ा है। इस मामले में बुजुर्ग गवाह चाम कौर की गवाही चल रही है।