पलवल जिले के गांव चांदहट के मंदिर पर गोशाला में गायों की सेवा करने वाले साधु ने सोमवार सुबह फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या का कारण गोशाला में मरे सात गोवंशों को बताया जा रहा है, क्योंकि गायों के मरने पर ग्रामीण साधु केशवदास को जिम्मेवार ठहरा रहे थे। इससे आहत होकर साधु ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने साधु के परिजनों को इसकी सूचना दी है और उनके आने के बाद मंगलवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा।
चांदहट थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुंदरलाल ने बताया कि गांव चांदहट के मंदिर पर गोशाला बनी हुई है। उसमें संत केशव दास गायों की देखभाल और पूजा अर्चना करते थे। रविवार की रात संत केशव दास ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सोमवार को इस बारे में सूचना मिली तो पुलिस मौके पर पहुंची। गांव वालों ने बताया कि केशव दास पिछले एक साल से मंदिर पर रह रहे थे। वह मूलरूप से यूपी के जिला बिजनौर के रहने वाले थे। अभी तक आत्महत्या की वजह का पता नहीं चला है।
वहीं, गोशाला में ठंड और चारे की कमी से मरी सात गायों को भी आत्महत्या का कारण बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और संत केशव दास के परिजनों को बुलाया गया है। अभी तक इस बारे में पुलिस को किसी ने कोई शिकायत नहीं दी है। परिजनों के आने पर उनके बयान लिए जाएंगे, उसके बाद पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।