फरीदाबाद में घर में घुसकर 15 साल की किशोरी को धमकाकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी पड़ोसी चाचा सूरज को जिला अदालत ने 20 साल कैद की सजा सुनाई है। पुख्ता सबूतों व गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हेमराज मित्तल की अदालत ने आरोपी को सजा दी है। पैनल अधिवक्ता रविंद्र गुप्ता ने बताया कि अदालत ने दोषी पर 65 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। दोषी सूरज पीड़िता के पड़ोस में ही रहता था और पीड़िता उसे चाचा कहती थी।
महिला थाना एनआईटी में ये एफआईआर 23 फरवरी 2020 को आईपीसी की धारा 450, 506 व पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दर्ज हुई थी। 15 साल की लड़की को 22 फरवरी 2020 को पेट दर्द होने लगा तो उसने मां को बताया। मां उसे डॉक्टर के पास लेकर गई तो डॉक्टर ने चेकअप कर बताया कि ये तो गर्भवती है। ये सुनकर मां के पैरों तले जमीन खिसक गई।
मां के पूछने पर लड़की ने बताया कि पड़ोस में रहने वाले चाचा सूरज ने इसके साथ दुष्कर्म किया। लड़की 8वीं की छात्रा थी। उसने बताया कि अक्तूबर 2019 में उसकी मां मायके गई थी। पिता काम पर थे और वो दोपहर एक बजे स्कूल से लौटी तो आरोपी सूरज जबरन घर में घुस आया और डरा-धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने फिर ऐसा दो-तीन बार किया और किसी को बताने पर मारने की धमकी देता था।
डर के चलते ही लड़की ने किसी को नहीं बताया। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर 32 साल के सूरज को गिरफ्तार किया। वो मजदूरी करता था। आरोपी ने बताया कि पड़ोसी होने के चलते लड़की उसे चाचा कहती थी। पुलिस ने आरोपी को जेल भेजकर उसके खिलाफ चालान अदालत में पेश किया जिसमें 24 गवाह बनाए गए। ट्रायल के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अब कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।