भारतीय युवा बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल को अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शायद इतना पसीना नहीं बहाना पड़ा होगा जितना उसे गुड़गांव में बैडमिंटन खिलाड़ियों के लिए अकादमी खोलने के लिए बहाना पड़ रहा है।
सिकंदरपुर घोषी गांव स्थित विवादित 10 एकड़ जमीन को मेयर की टीम ने अकादमी के लिए अधिक बताते हुए निगम के एजेंडे से बाहर कर दिया है।
गौरतलब है कि बैडमिंटन की युवा स्टार साइना नेहवाल को गुड़गांव में बैडमिंटन अकादमी खोलने के लिए तत्कालीन प्रदेश सरकार ने जमीन देने को कहा था।
2013 में नगर निगम में पार्षदों की बैठक में सर्वसम्मति से इस जमीन को अकादमी के लिए प्रस्ताव पास कर सरकार को भेज दिया।
मंदिर विवाद में उलझा साइना का सपना
प्रदेश सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद साइना के लिए अकादमी खोलने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया था। गुड़गांव-महरौली रोड स्थित होटल पूलमैन के पीछे सिकंदरपुर घोषी गांव स्थित दस एकड़ जमीन दी जानी थी।
बताया जाता है कि यहां स्थापित मंदिर को हटाने केे विवाद के बाद ग्रामीणों ने इसे पंचायत की जमीन कहते हुए विवाद खड़ा कर दिया।
अब मेयर टीम का कहना है कि एक करोड़ प्रति एकड़ की दस एकड़ जमीन बैडमिंटन अकादमी के लिए बेहद ज्यादा है। अकादमी के लिए दो से तीन एकड़ वाजिब है।
ऐसे में इस बात पर सहमति नहीं बन पाने से फिलहाल इसे एजेंडे से बाहर रखा गया है। मेयर विमल यादव का कहना है कि साइना के खेल का सम्मान किया जाता है लेकिन अकादमी के लिए इतनी अधिक जमीन गैर वाजिब है, लिहाजा इसे एजेंडे से फिलहाल बाहर कर दिया गया है।
क्या कहते हैं गुड़गांव के लोग
बैडमिंटन के लिए गुड़गांव में बड़ी अकादमी की जरूरत है। अगर साइना दीदी की अकादमी खुलती तो खिलाड़ियों को बेहतरीन प्लेटफॉर्म मिलता। खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार सहयोग करे। - दिनेश चौधरी
जब हमें पता चला कि यहां पर साइना की अकादमी खुलने वाली है काफी खुश हुए। बैडमिंटन के लिए बेहतरीन विकल्प उभरेंगे। प्रदेश सरकार को सहयोग करना चाहिए।-विकास शर्मा
गुड़गांव में बैडमिंटन की अकादमी की संख्या कम होने से खिलाड़ियों को खेलने के लिए दिल्ली जाना पड़ता है। साइना हमारी आइकॉन हैं ऐसे में उनकी अकादमी से बैडमिंटन की तरफ खिलाड़ियों का आकर्षण बढ़ेगा। -स्नेहा सोनी