फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

साहित्यकार वापस लें लौटाए गए पुरस्कार: साहित्य अकादमी

विज्ञापन
विज्ञापन
साहित्यकारों और लेखकों द्वारा साहित्य अकादमी सम्मान लौटाने के मद्देनजर शुक्रवार को साहित्य अकादमी की आपात बैठक में लेखकों पर हमले के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया गया।
विज्ञापन


अकादमी ने केंद्र और राज्य सरकारों को ऐसे हमलों से निपटने के लिये कदम उठाने की अपील की देश में बढ़ रही असहिष्णुता की निंदा की।

साहित्य अकादमी की चुप्पी से नाराज साहित्यकारों के पुरस्कार लौटाए जाने पर अकादमी ने साहित्यकारों से अपील करते हुए कहा कि वो अपने लौटाये गये पुरस्कार को वासस ले लें।

इस बीच शुक्रवार सुबह देशभर से सैकड़ों साहित्यकार मंडी हाउस में श्रीराम सेंटर पर इकट्ठे हुए और वहां से साहित्य अकादमी तक उन्होंने शांतिमार्च निकाला।

हालांकि, इस दौरान साहित्यकारों में भी मतभेद सामने आ गया और वो दो खेमों में बंटे दिखाई दिए। प्रदर्शन के दौरान वामपंथी संगठनों ने देश के मौजूदा माहौल को सांप्रदायिक सौदार्य के लिए खतरा बताया वहीं, दक्षिणपंथी साहित्यकारों ने इसे बौद्धिक आतंकवाद करार दे दिया।
विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

सरकार से की कानून बनाने की मांग

असल में साहित्य जगत का यह प्रदर्शन एमएम कलबुर्गी की हत्या और दादरी कांड के विरोध में किया गया। इसके साथ ही लेखक इस बढ़ती असहिष्‍णुता की ओर अकादमी का भी ध्यान आकृष्ट करना चाहते हैं।

जुलूस निकाल रहे लेखकों की मांग है कि सरकार लेखकों के प्रति बढ़ रही हिंसा को रोकने के लिए ठोस कदम उठाते हुए कानून पारित करे। जिससे हर वर्ग का लेखक कुछ भी लिखते हुए खुद को सुरक्षित महसूस करे।

लेखकों का कहना है कि अभी तो वो मौन मार्च निकाल रहे हैं लेकिन, अगर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो उनका मार्च मुखर भी हो सकता है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें