सागर धनखड़ हत्याकांड में फास्ट ट्रैक अदालत में मामले को स्थानांतरित करने से उच्च न्यायालय ने इंकार कर दिया है। अदालत ने निचली अदालत को मामले की जल्द सुनवाई करने का निर्देश दिया है। मामले में पूर्व ओलंपियन सुशील कुमार सहित कई अन्य आरोपी हैं।
उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को सागर धनखड़ हत्या मामले को फास्ट ट्रैक अदालत में स्थानांतरित करने से इन्कार कर दिया। अदालत ने निचली अदालत को मामले की जल्द सुनवाई करने का निर्देश दिया है। इस मामले में पूर्व ओलंपियन सुशील कुमार सहित कई अन्य आरोपी हैं।
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न्यायमूर्ति अनीश दयाल ने शुक्रवार को सागर धनखड़ के पिता की ओर से दायर याचिका का निपटारा कर दिया। याची ने निर्भया सामूहिक दुष्कर्म मामले की तरह समयबद्ध निपटान के लिए मामले को फास्ट ट्रैक अदालत में स्थानांतरित करने की मांग की थी।
अदालत ने कहा, मामले में 18 के खिलाफ आरोप पत्र पहले ही दायर किया जा चुका है और बाद में 2 और गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस ने कहा कि इनके खिलाफ जल्द ही एक पूरक आरोपपत्र दायर किया जाएगा। मुकदमा साक्ष्य स्तर पर है और किसी भी हिस्से में कोई देरी नहीं हुई है। कोर्ट ने मौखिक रूप से यह भी कहा कि हर प्रतिष्ठित मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में नहीं भेजा जा सकता।
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याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता जोगिंदर तुल्ली ने कहा कि वर्तमान मामले में आरोपी व्यक्ति अच्छी तरह से जुड़े हुए और प्रभावशाली हैं। उनमें से कुछ सरकारी कर्मचारी हैं और कुख्यात कला असोधा गिरोह के भी हैं और मुख्य साजिशकर्ता सुशील कुमार एक विश्व प्रसिद्ध हस्ती और ओलंपियन हैं।