सेना से बर्खास्त एक जवान को पुलिस ने एटीएम फर्जीवाड़े में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से 32 एटीएम कार्ड व तीस हजार रुपये जब्त किए है। जांच में पता चला कि आरोपी फर्जीवाडा कर इससे मिलने वाले रकम से गरीबों की मदद करता था। जिसके पीछे उसका मकसद गांव का सरपंच लबनना था।
जिला पुलिस उपायुक्त देवेंद्र आर्या ने बताया कि आरोपी की पहचान सीकर, राजस्थान निवासी राजेंद्र सिंह मीणा (38) के रूप में हुई है। 23 अगस्त को नीरज कुमार महिपालपुर के एक्सिस बैंक के एटीएम में रुपये निकाल रहा था। तकनीकी खराबी की वजह से रुपये नहीं निकल रहे थे। इसी दौरान पीछे खड़े व्यक्ति ने उसे बताया कि एटीएम धीरे चल रहा है। वह नीरज का एटीएम लेकर रुपये निकालने का प्रयास करने लगा।
इस दौरान उसने पिन नंबर देख लिया और धीरे से नीरज का कार्ड बदल दिया। आरोपी कुछ देर बाद दूसरे एटीएम से 30 हजार रुपये निकाल लिए। नीरज ने तुरंत पुलिस को सूचना देकर उसी एटीएम में पहुंचा। वहां पुलिस भी आ गई। इस बीच दूसरे शिकार की तलाश करते हुए नीरज ने आरोपी को देख लिया और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह एटीएम में उपकरण लगाकर उसे हैक कर लेता है। इससे ग्राहक रुपये निकाल नहीं पाता और मदद के बहाने वह ग्राहक का एटीएम बदल देता है। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी से 22 मामले सुलझाने का दावा किया है। आरोपी पर पहले से धोखाधड़ी के 16 मामले दर्ज हैं। जांच में पता चला कि तीन साल पहले चोरी का मामला दर्ज होने पर उसे सेना से बर्खास्त कर दिया गया था।