स्वच्छता अभियान को धता बताते हुए प्राधिकरण अपने द्वारा बनाए गए शौचालयों का रखरखाव करने में नाकाम है। इसका जीता जागता उदाहरण सेक्टर-110 में प्राधिकरण द्वारा बनाया गया सार्वजनिक शौचालय है।
इसे सार्वजनिक प्रयोग के लिए बनाया गया है लेकिन इसकी इमारत इतनी जर्जर है कि यहां जाने से लोग कतरा रहे हैं। यहां प्लास्टर गिरना आम बात है। कई बार इसकी शिकायत प्राधिकरण से की जा चुकी है, लेकिन अब तक प्राधिकरण अधिकारियों का ध्यान इस ओर नहीं गया है।
स्वच्छ भारत अभियान के तहत शहर में प्राधिकरण 62 शौचालयों का निर्माण कर रहा है। इनमें से अधिकांश का काम पूरा किया जा चुका है। लेकिन पहले के बने सार्वजनिक शौचालयों पर प्राधिकरण का ध्यान नहीं है।
सेक्टर-110 के श्रमिक कुंज में वर्ष 2000 में दो मंजिला सार्वजनिक शौचालय का निर्माण किया गया था। अब इसकी हालत खस्ता है। इमारत जर्जर हो चुकी है। प्रत्येक तल पर 10 शौचालय व 4 स्नानघर बनाए गए हैं। ऐसे में कुल 30 शौचालय व 12 स्नानघर हैं। इनका प्रयोग काफी लंबे समय से होता रहा। अब भी लोग इनका प्रयोग करते हैं। लेकिन खस्ता हालत के चलते यहां जाने से लोग डर रहे हैं।
इमारत के सरिये तक बाहर आ चुके हैं। दीवारें इतनी कमजोर हो चुकी हैं कि कभी भी इमारत गिर सकती है। यही नहीं सीवर का पानी भी बहकर सड़क पर आ रहा है। जिससे यहां गंदगी का आलम है। शिकायतकर्ता विपिन चौधरी व संजय गुप्ता ने कहा कि इसको लेकर कई बार प्राधिकरण से शिकायत की जा चुकी है। लेकिन अब तक शिकायत पर संज्ञान नहीं लिया गया। ऐसे में यहां कभी भी हादसा हो सकता है।
पिछले 18 साल से प्राधिकरण द्वारा यहां कोई मेंटेनेंस नहीं किया गया है। रविवार को प्लास्टर गिरने से एक बच्चे का सिर फट गया। जिससे वह घायल हो गया। ऐसे ही रोजाना यहां कोई न कोई घटना घटती रहती है।- विपिन चौधरी, निवासी सेक्टर-110
अगर सेक्टर-110 में ऐसी स्थिति है तो हमारी टीम जरूर वहां का मुआयना करने पहुंचेगी। शौचालय का मेंटेनेंस भी कराया जाएगा। जिससे कोई घटना न हो।- सतपाल, सीनियर मैनेजर, नोएडा प्राधिकरण
अमर उजाला की खबर का असर, सेक्टर-82 में किया गया पौधरोपण
आरडब्लयूए कोना के माध्यम से अमर उजाला रोजाना सेक्टर की गतिविधियों पर खबर को प्रकाशित कर रहा है। सेक्टर की समस्याओं को देखते हुए 27 जुलाई के अंक में पार्कों में नहीं है हरियाली, शीर्षक से खबर छपी थी। जिसका असर यह हुआ कि प्राधिकरण के उद्यान विभाग की टीम सोमवार को यहां पहुंची। अध्यक्ष योगेश शर्मा ने बताया कि सेक्टर-82 आरडब्लयूए के साथ मिलकर सोसायटी के पार्कों में पौधरोपण किया गया।
इसमें महासचिव अजय चौरसिया, एसडी खान, एमपी सिंह, एलके शुक्ला व सोसायटी के लोगों ने हिस्सा लिया। सोसायटी के लोगों ने उद्यान विभाग से आग्रह किया कि पार्कों में झूले व बैंच भी लगवाई जाएं। वहीं, सेक्टर-77 प्रतीक विस्टीरिया सोसायटी में भी पौधे लगाए गए। निवासी निशा राय ने बताया कि 10 प्रजाति के पौधे लगाए गए हैं। लोगों को जागरूक करने के लिए पौधे के साथ-साथ बैनर पोस्टर भी लगाए गए हैं।
सेक्टरों में बंदरों व लावारिस कुत्तों का आतंक
नोएडा। शहर में सेक्टर के लोग बंदर व लावारिस कुत्तों से परेशान हैं। सेक्टर-61 निवासी व फोनरवा उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह ने बताया कि यहां लोगों का घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है। आए दिन यहां बंदर व लावारिस कुत्तों का कोई न कोई शिकार हो जाता है। सेक्टर-99, 61, 19 व 40 के निवासियों का कहना है कि पिछले दो वर्षों से लावारिस कुत्तों की समस्या सेक्टर में बनी हुई है। विधायक, सांसद व केंद्रीय मंत्री को कई बार मौखिक व लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई।