कोरोना के प्रकोप के बीच बुधवार से शुरू हो रहे अनलॉक 2.0 को देखते हुए दिल्ली की आरडब्ल्यूए ने मांग की है कि दिल्ली के हालात के अनुसार यहां रियायतों में कमी की जानी चाहिए जिससे आने वाले समय में दिल्ली के हालात बद से बदतर न हो सकें।
दरअसल, अनलॉक 2.0 में अब कर्फ्यू का समय सुबह और शाम एक घंटा घटाकर रात 10 बजे से सुबह पांच बजे कर दिया गया।है। लाजमी है कि अब रात 10 बजे तक राजधानी में सभी गतिविधियां चल सकेंगी।
वहीं, कोरोना के मामलों में अन्य राज्यों को पछाड़ते हुए आगे निकलती दिल्ली की हालत को देख आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों का कहना है कि अनलॉक 2.0 में दिल्ली में दी जाने वाली रियायतों में कमी की जानी चाहिए। इस कड़ी में यहां अनलॉक 2.0 के बजाय लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए।
इस संबंध में नई दिल्ली आरडब्ल्यूए फेडरेशन के अध्यक्ष प्रीतम धारीवाल ने कहा कि राजधानी में लगातार हजारों की संख्या में कोरोना के मामले प्रतिदिन दर्ज हो रहे हैं।
ऐसे में कहीं न कहीं लोगों में भी भय की स्थिति है, लेकिन अनलॉक में कुछ लोग आसानी से बाहर घूम रहे हैं और इस वजह से भी लगातार कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं।क्योंकि, शारीरिक दूरी का पालन बमुश्किल ही देखने को मिल रहा है। ऐसे में सरकार को राजधानी में अनलॉक के बजाय लॉकडाउन लागू कर इसका सख्तीर से पालन कराना चाहिए।
वहीं, पूर्वी दिल्ली जॉइंट आरडब्लूए फ्रंट के अध्यक्ष बीएस वोहरा ने कहा कि दिल्ली की लगातार बिगड़ती हालत को देख यहां अनलॉक 2.0 लागू नहीं होना चाहिए बल्कि यहां सख्ती से सरकार को काम लेना चाहिए जिससे राजधानी में कोरोना से बचाव हो सके।
उन्होंने कहा कि यदि लॉकडाउन के मामले में आरडब्ल्यूए कोई कदम उठाती है तो हमें दरकिनार कर दिया जाता है। ऐसे में आरडब्ल्यूए की अहम जिम्मेदारी समझते हुए हमें भी निर्याणकों में शामिल करना चाहिए।