मुनिरका के रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्लूए) पर नार्थ ईस्ट के लोगों से इलाका खाली कराने का आरोप लगा है। कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने यह आरोप लगाया है। उन्होंने नार्थ-ईस्ट के लोगों की सुरक्षा को लेकर वसंत विहार थाना पुलिस को शिकायत दी है। हालांकि आरडब्ल्यूए ने इन आरोपों से इनकार किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार एक महिला सामाजिक कार्यकर्ता ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि रविवार को आरडब्ल्यूए की बैठक हुई थी। बैठक में नार्थ-ईस्ट के लोगों को इलाके से खाली कराने की बात कही गई थी। कार्यकर्त्ताओं ने पुलिस से इस मामले की जांच करने की मांग की है।
मुनिरका आरडब्ल्यूए के सचिव भरत ने इन आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि आरडब्ल्यूए की बैठक जरूर हुई थी लेकिन उसमें नार्थ-ईस्ट के लोगों को लेकर न तो कोई चर्चा हुई और न ही आरडब्ल्यूए ने किसी तरह का कोई निर्णय लिया।
भरत ने बताया कि आरडब्ल्यूए की बैठक में गांव में कुछ जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और मार्केट को रात में समय से बंद करवाने आदि मुद्दों को लेकर चर्चा की गई थी। उन्होंने बताया कि इलाके में कुछ दुकानें पूरी रात खुली रहती हैं इस कारण खराब प्रवृति के लोग इलाके में आते हैं।
आरडब्ल्यूए चाहती है कि ये दुकानें समय से बंद हो जाए। दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर किसी मकान मालिक ने नार्थ-ईस्ट के लोगों से जबरदस्ती मकान खाली करवाया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।