दिल्ली विश्वविद्यालय में इतिहास के पाठ्यक्रम में शामिल एक पुस्तक में भगत सिंह को क्रांतिकारी आतंकवादी बताने पर हंगामा शुरू हो गया है। भगत सिंह के परिजनों ने इस पर आपत्ति जताते हुए इस मामले को डीयू के समक्ष उठाया है।
बुधवार को परिजनों ने डीयू कुलपति प्रो. योगेश त्यागी से भी मुलाकात की। कुलपति ने इस मामले की स्टडी करने का आश्वासन दिया है। उल्लेखनीय है कि इतिहासकार बिपिन चंद्रा और मृदुला मुखर्जी द्वारा स्वतंत्रता के लिए भारत का संघर्ष शीर्षक से लिखी इस पुस्तक में भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सूर्य सेन और अन्य को क्रांतिकारी आतंकवादी बताया गया है।
इस मामले को लेकर भगत सिंह के परिजन मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने और पुस्तक में बदलाव करने की मांग कर चुके हैं। बताया जा रहा है कि पुस्तक में चटगांव आंदोलन को भी आतंकी कृत्य व सैंडर्स की हत्या को आतंकी कार्रवाई कहा गया है।