फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पार्किंग शुल्क पर हंगामा, अटका बजट

Sat, 01 Feb 2014 01:30 PM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
विवादों में रही नगर निगम की विज्ञापन और पार्किंग नियमावली शुक्रवार को सदन की बैठक में भी हंगामे का अस्त्र बन गई। बैठक में नियमावली प्रस्तुत न किए जाने पर बसपा और कांग्रेस के पार्षदों ने हंगामा कर दिया।
विज्ञापन


तीन घंटे तक चले विरोध और हंगामे के बीच पुनरीक्षित बजट अटक गया। बसपा और कांग्रेसी पार्षदों के तेवर देख महापौर ने दो बजे बैठक स्थगित कर दी। अब चार और पांच फरवरी को दो दिन बुलाई गई बैठक में पार्किंग शुल्क, विज्ञापन टैक्स और बजट पर फैसला होगा।

11 बजे निगम सदन की बैठक महापौर और नगर आयुक्त आरके सिंह की मौजूदगी में शुरू हुई। एजेंडा न मिलने से गुस्से में बैठे पार्षद बरस पड़े। भाजपा पार्षद दल नेता मुकेश त्यागी ने अफसरों की मनमानी का विरोध किया। अन्य पार्षदों ने समर्थन किया तो नगर आयुक्त को मानना पड़ा कि एजेंडा भेजने में देरी हुई, लेकिन आगे नहीं होगी।
विज्ञापन


अकाउंट अफसर एके मिश्रा बजट प्रस्तुत करने के लिए खड़े हुए तो बसपा पार्षद दल नेता बाबू सिंह आर्य, कांग्रेस पार्षद दल नेता राजीव भाटी समेत कई पार्षदों ने विरोध शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि पार्षद बजट पास करने की रबड़ स्टांप नहीं हैं, बल्कि नीतियां बनाने के लिए भी हैं।

पहले पार्किंग यूजर चार्ज और विज्ञापन नियमावली प्रस्तुत कर चर्चा हो फिर बजट पर बात करेंगे। महापौर के प्रयास के बावजूद दो बजे तक चली बैठक में हंगामा होता रहा। अंत में महापौर ने चार-पांच फरवरी को बैठक बुलाकर पहले विज्ञापन और पार्किंग नियमावली पर, दूसरे दिन बजट पर चर्चा कराने का आश्वासन दिया।

पार्षद बोले-अफसरों के बीच कमीशन की लड़ाई
निगम बोर्ड बैठक में विकास कार्यों और टेंडर की फाइलों के ऑडिटिंग के मुद्दे पर सदन का माहौल गरम हो गया। पार्षदों ने ऑडिटिंग की मांग उठाई तो एमएनएलपी ने अकाउंट अफसर पर आठ वर्ष से सामान्य रोकड़ बही न बनाने का आरोप लगाया है। कई पार्षदों ने एमएनएलपी केवी श्रीवास्तव पर ऑडिट न करने का आरोप लगाया।

पार्षद भी दो फाड़ हो गए। पार्षदों ने कहा कि असल लड़ाई ऑडिट की नहीं है बल्कि कमीशन की है। सदन ने यह विवाद सुलझाने को एक सप्ताह का समय दिया है।

जब भाजपा पार्षद के बयान पर लगे ठहाके
भाजपा पार्षद दल नेता मुकेश त्यागी ने अपने दल के सीनियर पार्षद अनिल स्वामी और राजेंद्र त्यागी को निशाना बनाया। दोनों पार्षद बजट की खामियों पर बोल रहे थे। उनका कहना था कि अफसरों ने बजट के साथ देनदारियों की लिस्ट नहीं दी। अफसर गोलमोल कर रहे हैं। इस पर मुकेश ने कहा कि वह अनिल स्वामी और राजेंद्र त्यागी को उनके धैर्य के लिए साधुवाद देना चाहते हैं। दोनों 20-25 साल से इसी बात को हर बजट बैठक में बोलते हैं। यह कहते ही सदन में ठहाके लगने लगे।

समस्याओं पर सिमटी बैठक, दो पार्षद भिड़े
बैठक में बजट पास न हुआ तो महापौर ने वार्डों की समस्याओं पर चर्चा कराई। एक-एक पार्षद को बोलने के लिए 5 से 7 मिनट का समय दिया गया। इस दौरान महिला पार्षदों को अपनी बात कहने का मौका मिला। उन्होंने वार्डों में सीवर, नाले, सफाई कर्मचारियों की कमी, स्ट्रीट लाइट, उजड़े पार्कों की समस्याएं सदन में रखीं।

कांग्रेसी पार्षद राजीव भाटी पार्किंग ठेके में घोटाले पर बोल रहे थे। लगातार काफी देर तक बोलने पर बसपा के एक पार्षद ने इसका विरोध शुरू कर दिया। इस पर दोनों के बीच जमकर कहासुनी हुई।

अगली बैठक में फिर होगा हंगामा
घरों के बाहर खड़ी गाड़ियों से पार्किंग यूजर चार्ज वसूलने का प्रस्ताव निगम सदन में फिर हंगामा कराएगा। निगम महापौर, कार्यकारिणी समिति के उपाध्यक्ष, निगम अधिकारी और कई पार्षद पार्किंग यूजर चार्ज वसूलने के पक्ष में हैं। दूसरी ओर बसपा और कांग्रेस पार्षद दल नेता समेत दोनों दलों के अधिकांश पार्षद इसके विरोध में हैं।
विज्ञापन


वह किसी कीमत पर इसे लागू नहीं होना देना चाहते हैं। ऐसे में नगर निगम सदन में प्रस्ताव पहुंचने पर फिर विरोध और हंगामा होने के आसार हैं। 


और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें