जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ की बहाली समेत तीन मांगों को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है। गेट बंद होने से तनाव की स्थिति है, कुछ छात्रों को हिरासत में लिया गया है। डीटीआई भी छात्रों के समर्थन में आया, जानें क्या हैं छात्रों की मांगें और क्यों बढ़ा विवाद।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के गेट नंबर चार और सात के बाहर पुलिस तैनात है। जिस स्थान पर छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं, वहां फिलहाल शांति है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने गेट बंद रखने के निर्देश दिए हैं, जिसके चलते किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं है। इस कारण बार-बार हंगामे जैसी स्थिति बन रही है। वहीं अंदर जाने की जिद करने वाले कुछ छात्रों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया है।
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विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी और कैंटीन समेत अन्य सुविधाएं भी बंद कर दी गई हैं। वहीं, सोमवार से ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जाएंगी। जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में छात्रों का आंदोलन जारी है। भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों ने आरोप लगाया है कि उन्हें पानी नहीं मिल रहा है। छात्रों ने एक बार फिर विश्वविद्यालय प्रशासन को अपना प्रस्ताव भेजा है।
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वहीं, छात्राओं को मौखिक रूप से हॉस्टल खाली करने के निर्देश दिए जाने का आरोप है। सोमवार से शुरू होने वाली ऑनलाइन कक्षाओं का भी छात्रों ने बहिष्कार करने का फैसला किया है। इस संबंध में छात्रों ने कुलपति को पत्र लिखकर अपनी बात रखी है।
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छात्रों के समर्थन में आया डीटीआई
जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में छात्र संघ बहाली और चुनाव की मांग को लेकर जारी आंदोलन के समर्थन में डेमोक्रेटिक टीचर्स इनिशिएटिव (डीटीआई) ने बयान जारी किया है। संगठन ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर कार्रवाई की निंदा करते हुए छात्र संघ चुनाव जल्द कराने और प्रदर्शनकारियों पर लगाए गए दंड वापस लेने की मांग की है।
डीटीआई के अनुसार, छात्र पिछले दो सप्ताह से भूख हड़ताल पर हैं। प्रशासन ने छात्र संघ का संविधान तैयार करने के लिए समिति गठित की है, लेकिन चुनाव की समयसीमा स्पष्ट नहीं की है। संगठन ने आरोप लगाया कि 24 अक्तूबर को शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के कुछ लोगों ने छात्रों की एकजुटता तोड़ने के लिए शारीरिक बल का इस्तेमाल किया। इसके बाद विश्वविद्यालय के परिसर बंद कर कक्षाएं ऑनलाइन कर दी गईं। डीटीआई ने मांग की कि छात्र संघ चुनाव की जल्द घोषणा हो और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर लगाए गए सभी दंड तत्काल वापस लिए जाएं।
कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं छात्र
जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्र संघ की मांग को लेकर पिछले 14-15 दिनों से चल रहा छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सभी गेट बंद करने के आदेश के बाद छात्र आक्रोशित हैं। छात्रों का कहना है कि प्रशासन डरा हुआ है और आंदोलन को हिंसक तरीके से दबाने की कोशिश कर रहा है, भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों को हटाया जा रहा है।
छात्रों की क्या हैं मांगें?
छात्रों ने तीन मांगें रखी हैं, छात्र संघ बहाल किया जाए, प्रदर्शनकारियों पर लगे प्रतिबंध हटाए जाएं और प्रॉक्टर इस्तीफा दें। वहीं, छात्रों का कहना है कि इब्न सीना लाइब्रेरी रात दो बजे तक खुलती है, कई छात्र 7-7 लोग एक कमरे में रहते हैं, ऐसे में गेट बंद होने से उनकी पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित होगी।