उत्तर प्रदेश में आरटीआई के तहत सूचना देने में हीलाहवाली करने का एक मामला सामने आया है। आरटीआई आवेदन के तहत उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग से शिकायत और अपील संबंधी जानकारी मांगी गई थी।
आयोग ने सूचना यह कहकर देने से मना कर दिया कि आयोग में कर्मचारियों कमी के कारण ऐसी सूचना दिया जाना संभव नहीं है। यही नहीं आयोग को आरटीआई का जवाब देने में 50 दिन से ज्यादा लग गए। जबकि आरटीआई एक्ट के तहत हर हाल में 30 दिन में जवाब देना होता है।
अमर उजाला को प्राप्त जानकारी के अनुसार आरटीआई आवेदन 16 जून 2016 को उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग में लगाई गई थी। जिसका जवाब आयोग ने 8 अगस्त को दिया। आरटीआई से नौ बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई थी।
जिसमें से आयोग ने छह बिंदुओं पर जवाब दिया कि उत्तर प्रदेश आरटीआई नियमावली-2015 के नियम 4 (2)(ख)(पांच) और स्टाफ की कमी का हवाला देकर जानकारी देने से मना कर दिया। इस नियम में कहा गया है ऐसी जानकारी देना संभव नहीं है जिसकी विस्तृत सूचना और संकलन में आनुपातिक रूप से आयोग की दक्षता प्रभावित होगी।