राष्ट्रीय समन्वय सेवक संघ के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने कहा कि कोई मजहब बैर नहीं सिखता। वह यहां ईद मिलन और जश्न आजादी समारोह में बोल रहे थे।
इसका आयोजन आरएसएस के राष्ट्रीय मुस्लिम मंच ने किया था। इस दौरान इंद्रेश कुमार ने देश की गंगा जमुना तहजीब का हवाला देते हुए मेवात को इसका संगम बताया। उन्होंने कहा कि समाज से नफरत को निकालने की आवश्यकता है।
इस कार्यक्रम को हरियाणा बीजेपी के वरिष्ठ नेता मनोहर लाल खट्टर ने राजनीतिक रंग देने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि चुनावी दौर में संभलकर फैसला लेने की जरूरत है।
इस कार्यक्रम में एक दिलचस्प बात दिखी। इंद्रेश एवं खट्टर दोनों ने ईद और राखी मिलन की अधिक बात की। जश्न आजादी पर विशेष नहीं बोले। मंच के संयोजक खुर्शीद राजाका ने कविता के जरिये कांग्रेक के दिगविजय सिंह और अमर सिंह पर निशाना साधने की कोशिश की।
इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानी अशफाकउल्लाह की पोती आमरीन उल्लाह, पूर्व वाईस चांसलर डॉक्टर सर्वानंद आर्य, पूर्व मंत्री हसन मोहम्मद, पूर्व प्रोफेसर करम इलाही, वरिष्ठ भाजपा नेता डॉक्टर बशीर अहमद, पूर्व विधायक हबीबुर्रहमान, आर्य समाज गुड़गांव मेवात के प्रधान पदमचंद आर्य, डॉ प्रभुदयाल, बीजेपी नेता भानीराम मंगला, पूर्व सांसद साबिर अली, जसवंत गोयल, डॉक्टर ताहिर इंदाना, पूर्व पार्षद सुरेन्द्र रजावत, पूर्व ब्लॉक चैयरमेन जाहिद बाई, कवि इलियास प्रधान, शिशपाल, दीपक जैन आदि आदि मौजूद थे।