दीपावली पर दिल्ली में हुए पटाखे के बैन को धर्म के चश्में से देखते हुए संघ ने बेशक सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर प्रतिक्रिया जताई थी। मगर दिल्ली समेत पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य की उसे अब चिंता भी सता रही है।
एनसीआरवासियों के सेहत का ख्याल रखते हुए संघ ने दिल्ली को प्रदुषण मुक्त बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए संघ की संस्था विज्ञान भारती एक वृहत रोड़मैप बनाने में जुटी है।
इस रोडमैप पर अमल के लिए वह इसे केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, दिल्ली नगर निगम और जन संस्थाओं के साथ साझा करेगी। एनसीआर की समस्या के रूप में इसे लेते हुए दिल्ली के अलावा हरियाणा, यूपी और राजस्थान की सरकारों के साथ भी साझा किया जाएगा।
रोडमैप के लिए जापान तक से बुलाए जा रहे हैं विशेषज्ञ
दिल्ली को प्रदुषणमुक्त बनाने के लिए रोडमैप बनाने का जिम्मा संभाल रही संघ की संस्था विज्ञान भारती ने आगामी 2 नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक परिचर्चा का आयोजन रखा है। चार सत्रों में होने वाली इस परिचर्चा में भारतीय विद्वानों के अलावा जापान तक से विशेषज्ञ बुलाए जा रहे हैं।
आयोजन से जुड़े विज्ञान भारती के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 2 नवंबर को होने वाली परिचर्चा का विषय एयर पॉल्यूशन फ्यूचर स्ट्रेटजी फॉर दिल्ली एंड एनसीआर रखा गया है। इस परिचर्चा में दिल्ली-एनसीआर को प्रदुषण मुक्त बनाने के लिए जरूरी सभी आयामों पर चर्चा होगी।
परिचर्चा सत्र को चार हिस्सों में बांटा गया है। प्रदूषण से स्वास्थ्य पर असर, इसके तकनीकी पहलू, कानूनी पहलू और बचाव के लिए तौर तरीकों पर अलग-अलग सत्र में चर्चा होगी। वैसे विज्ञान भारती ने अपनी ओर से दिल्ली के प्रदूषण का सुक्ष्म अध्ययन कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर ली है। लेकिन अपनी रिपोर्ट पर वह देश-दुनिया के वैज्ञानिकों की राय भी समाहित कर लेना चाहती है।