नोटबंदी के बाद फिर से पाकिस्तान में छप रहे भारतीय नोटों का खुलासा हुआ है। पाकिस्तान से आ रहे नकली नोटों की एक खेप पुलिस ने आज फिर पकड़ी है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नकली नोट सप्लाई करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
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शामली, यूपी से ताल्लुक रखने वाले गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से छह लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं। सभी नोट 100 रुपये के नोटों में है। ये नकली नोट नेपाल होकर पाकिस्तान में छपकर भारत में आए थे। नेपाल से नकली नोट यूपी में आते थे और इनको ज्यादातर यूपी के शहरों में सप्लाई किया जाता था।
स्पेशल सेल पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव के अनुसार स्पेशल सेल ने नकली नोट सप्लाई करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया था। 27 जनवरी को भी स्पेशल सेल ने नकली नोट सप्लाई करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था और इनके कब्जे से 19.22 लाख रुपये केनकली नोट बरामद किए गए थे।
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सभी नोट दो हजार के नोटों में थे
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सभी नोट दो हजार के नोटों में थे। स्पेशल सेल को 17 फरवरी को सूचना मिली थी कि यूपी में नकली नोट सप्लाई करने वाले ट्रैफिक सिग्नल, नानकसर गुरुद्वारा, सोनिया विहार, वजीराबाद रोड पर एकत्रित होंगे। ये यहां सेंत्रो कार में आकर नकली नोटों की खेप देंगे।
सूचना के बाद इंस्पेक्टर पंकज कुमार की देखेरख में एएसआई मंदीप, अजय कुमार व कमल की विशेष टीम बनाई गई। पुलिस टीम ने यहां घेराबंदी कर सेंत्रो कार से नकली नोटों की खेप देने आए अरविन और खेप लेने आए संजीव उर्फ मुकेश को गिरफ्तार कर लिया।
नकली नोट की छपाई बहुत ही बढिय़ा है और असली नोटों से उनकी पहचान करना मुश्किल है। संजीव (31) यूनूसपुर, तहसील थाना भावन जिला शामली, उत्तरप्रदेश और अरविन (35) गांव मनी माजरा, तहसील कैराना, जिला शामली उत्तरप्रदेश का रहने वाला है। इनकेकब्जे से हरियाणा नंबर की सेंत्ररो कार व दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
पूर्वी यूपी से लाते थे नकली नोटों की खेप
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आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह नकली नोटों की खेप पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेते थे। यहां से ये इन नकली नोटों को यूपी व एनसीआर में सप्लाई करते थे। मौका लगने पर अन्य राज्यों में भी नकली नोट सप्लाई करते थे।
पूछताछ में ये भी पता लगा है कि नकली नेपाल से पूर्वी उत्तर प्रदेश आते थे। नकली नोट पाकिस्तान में छपकर नेपाल के रास्ते पूर्वी यूपी पहुंचते थे। नोटबंदी के कारण पिछले दो-तीन महीनों में 100 के नकली नोटों की सप्लाई बढ़ी थी। ये एक लाख केनकली नोट 40 हजार में देते थे।
स्पेशल सेल पुलिस अधिकारियों के अनुसार गांव यूनुसपुर तहसील थाना भवन जिला शामली, उत्तरप्रदेश में पैदा हुआ संजीव का परिवार लोनी, गाजियाबाद में शिफ्ट हो गया था।
शादी होने केबाद ये काम की तलाश में मुंबई चला था। ये लगातार अपने गांव जाता रहता था। आसानी से पैसा कमाने के लिए ये नकली नोट सप्लाई करने वाले गिरोह में शामिल हो गया। ये पिछले दो वर्षों से नकली नोट सप्लाई कर रहा था। अरविन दो महीने से नकली नोट सप्लाई कर रहा था।